I’m deserted with dreams to feel the thirst And trying to find all your best I did each n’ every time what you wanted But baby you were blind to count it You did all the things well, excep… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: I’m deserted with dreams to feel the thirst And trying to find all your best I did each n … more →
विनय wrote 1 year ago: I’m walking on the misty road but still have faith in your love this seems warm as the rising … more →
विनय wrote 1 year ago: तेरी चुप निगाहें व शर्मायी नज़रें तेरे प्यार का तोहफ़ा हैं, मेरे लिए एक बार तो कुछ कह दे सनम तू एक बार … more →
विनय wrote 1 year ago: हाल दिल का बताना तुमसे बहुत ही मुश्किल है न जाने कितना, बेशुमार दर्द इसमें शामिल है हर लम्हा ज़िन्दगी … more →
विनय wrote 1 year ago: यह कोरे काग़ज़ करते हैं दिल की बात जैसे यह कोरे हैं वैसे मेरे दिन-रात अपनी मुलाक़ात कब मुकम्मल हुई थी द … more →
विनय wrote 1 year ago: यह बीते हुए लम्हों का शोर है या तन्हाई के ग़म की ख़ामोशी दिल को कुछ शोर जान पड़ता है मगर वह कानों में … more →
विनय wrote 1 year ago: जब से भूल जाना चाहा तुमको तेरी याद और भी आती है सपना क्या कभी कोई ऐसा हुआ जो बिखरा नहीं बची राख को आ … more →
विनय wrote 1 year ago: दो लफ़्ज़ों में बयाँ कर सकते थे हम अपने दिल की बात गुज़र गये वह सारे लम्हे बिताये थे जो हमने साथ पास तो … more →
विनय wrote 1 year ago: हम भी पागल थे ग़ैरों को अपना जानते थे रुसवा किये जायेंगे इस क़दर यह न जानते थे बेवफ़ा गर वह होता दर्द श … more →
विनय wrote 2 years ago: लहर इक ‘विनय’ टकराया जो पत्थर से टूट गया जब भी निकला आगे उसके हाथों से एक हाथ छूट गया जब भी बैठता है … more →