Blogs about: Deserted
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खिली-खिली महकी बहारें हैं
खिली-खिली महकी बहारें हैं झीलों पर बहते शिकारें हैं ठण्डी-ठण्डी सौंधी हवाएँ … more »
तख़लीक़-ए-नज़र
खिली-खिली महकी बहारें हैं
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विनय प्रजापति wrote 5 days ago: खिली-खिली महकी बहारें हैं झीलों पर बहत … more »
तेरी चुप निगाहें
— 1 comment
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: तेरी चुप निगाहें व शर्मायी नज़रें तेरे … more »
हाल दिल का बताना तुमसे
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: हाल दिल का बताना तुमसे बहुत ही मुश्किल … more »
यह कोरे काग़ज़
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: यह कोरे काग़ज़ करते हैं दिल की बात जैसे य … more »
यह बीते हुए लम्हों का शोर है
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: यह बीते हुए लम्हों का शोर है या तन्हाई … more »
जब से भूल जाना चाहा तुमको
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: जब से भूल जाना चाहा तुमको तेरी याद और भ … more »
दो लफ़्ज़ों में बयाँ कर सकते थे
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: दो लफ़्ज़ों में बयाँ कर सकते थे हम अपने द … more »
हम भी पागल थे ग़ैरों को अपना जानते थे
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: हम भी पागल थे ग़ैरों को अपना जानते थे रु … more »
लहर इक ‘विनय’
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: लहर इक ‘विनय’ टकराया जो पत्थर से टूट ग … more »
