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खिली-खिली महकी बहारें हैं
खिली-खिली महकी बहारें हैं झीलों पर बहते शिकारें हैं ठण्डी-ठण्डी सौंधी हवाएँ … more »
तख़लीक़-ए-नज़र
खिली-खिली महकी बहारें हैं
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विनय प्रजापति wrote 1 week ago: खिली-खिली महकी बहारें हैं झीलों पर बहत … more »
मनीप्लांट
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mehhekk wrote 3 weeks ago: मनीप्लांट ख्वाहिशो की पारदर्शक बोतल … more »
ज़ियाँ दिल का किया
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: ज़ियाँ दिल का किया जो तुमसे लगाया तो पल- … more »
यह दिन प्यार का दिन है
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: बहुत ख़ूबसूरत प्यार का दिन है जिसे चाह … more »
राहे-इश्क़ में मुश्किल ही सही पार उतरना
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: राहे-इश्क़ में मुश्किल ही सही पार उतरना … more »
आहिस्ता-आहिस्ता नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: आहिस्ता-आहिस्ता नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं … more »
हर गली में ढूँढ़ा तेरा निशाँ
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: हर गली में ढूँढ़ा तेरा निशाँ मैं भटकता … more »
ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ गया
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ ग … more »
कोई तो तुम्हें पाने की राह मिले
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: कोई तो तुम्हें पाने की राह मिले कभी ते … more »
मैं मर जाऊँ तो
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मैं मर जाऊँ तो अपनी हद से गुज़र जाऊँ तो क … more »
इक दिन तू चली जायेगी
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मेरी जान न कर मुझसे मोहब्बत इतनी कि इक … more »
उम्मीद जागी है इक बार फिर तुम्हें पाने की
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: उम्मीद जागी है इक बार फिर तुम्हें पाने … more »
मेरी आँखों पर जो था
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मेरी आँखों पर जो था तेरी ख़ुशबू का आँच … more »
फ़िराक़ को अजल विसाल को जीवन जाना
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: फ़िराक़ को अजल विसाल को जीवन जाना यह कि झ … more »
दिले-सहरा में यह कैसा सराब है
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: दिले-सहरा में यह कैसा सराब है ज़ख़्म मव … more »
तेरी जगह कौन ले सकता है
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: तेरी जगह कौन ले सकता है मेरे जीवन में त … more »
क्या वह तुम थे
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: क्या वह तुम थे जो आँखों को महका गये तमन … more »
कभी वैसे होता है
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: कभी वैसे होता है, कभी ऐसे होता है यह प्य … more »
चुपके से दिल को दिया
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: चुपके से दिल को दिया चुपके से दिल को लि … more »
