उडो न कागा कारे, उडो न कागा कारे, देह मिली जहे, अपने राम प्यारे, उडो न कागा कारे, उडो न कागा कारे, पंथ निहारे कामनी, लोचन परीर उसासा, पूर्ण की जाए पगना की सये, हर दरसन की आसा, उडो न कागा कारे, उडो न क… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: उडो न कागा कारे, उडो न कागा कारे, देह मिली जहे, अपने राम प्यारे, उडो न कागा कारे, उडो न कागा कारे, प … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: राम सिमर राम सिमर, इहे तेरे काज है, माया को संग त्याग, प्रभु जू की सरन लाग, जगत सुख मान मिथ्या, झूठो … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: बोलो राम जय जय राम, मुनिमन रंजन भव भये भंजन, असुर निकंदन सीता राम, पतित उद्धारण जग जन तारण, नित्ये न … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: जय रघुनन्दन जय सिया राम, भज मन प्यारे जय सिया राम, आदि राम अनंत है राम, सत चित और अनंत है राम, हनुमा … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: बोलो राम जय जय राम, जन्म सफल होगा बन्दे, मन में राम बसा ले, हे राम नाम के मोती को, सांसो की माला बना … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: कृष्ण है श्रद्धा कृष्ण है भक्ती कृष्ण है विश्वास | कृष्ण को बेंद सुमिरन कर ले कृष्ण है तेरे पास || ज … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: तुम करूणा के सागर हो प्रभु, मेरी गागर भर दो | थके पांव है दूर गावं है , अब तो कृपा कर दो | क्लेश-द्व … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: जीवन की प्रभु सांझ भई है अब तो शरण में ले लो ! जगत के स्वामी मेरे प्रभुवर अपने चरन में ले लो!! इस दे … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: सुमिरन कर के चारों बेला ! जीवन है सुख – दुःख का मेला !! हरि को काहे मनवा भूला ! हरि तो है सावा … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: तुम पीर हरो ब्रज के स्वामी ! चलते-चलते पग मेरे हारे , कारण कौन भुलाये ! सदा रही है आस तुम्हारी , मार … more →