मन पखेरू उड़ जा मन पखेरू उड़ जा लै आ कोई संदेस बरस पर बरस बीत रहे पिया भए परदेस | मिलते ही उनसे ये कहना तुझ बिन मुश्किल है अब रहना दिल रे , तू धर ले उनकी धड़कन का भेस मन पखेरू उड़ जा लै आ कोई संदेस |… more →
mehekalishaminta wrote 5 months ago: Meri raushan hai duniya, tumhi se tumhi se Hai mujhko mohobbat tumhi se tumhi se Kitna mushkil hai j … more →
mehhekk wrote 1 year ago: मन पखेरू उड़ जा मन पखेरू उड़ जा लै आ कोई संदेस बरस पर बरस बीत रहे पिया भए परदेस | मिलते ही उनसे ये क … more →
mehhekk wrote 1 year ago: ये दील अक्सर नादान हरकतें करता है अचानक ही धड़कना भूल जाया करता है याद नही रखता अब कुछ और तेरे सिवा … more →
mehhekk wrote 1 year ago: आयो होली को त्योहार बिखरी फागुन की बहार मनवा झूमे हमार चढ़ता मस्ती का खुमार ढोल मंजीरे ढ़म ढ़म … more →