Blogs about: Dharam

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ज्ञान की आड़ में आड़म्बर 4 comments

panditastro wrote 8 months ago: समाज में ज्योतिष का प्रभाव वैदिक काल से ही रहा है. वैदिक युग में मानव ने ज्योतिष सहित प्रत्येक ज्ञान … more →

Tags: gyan, jyotish, Vedic, puran, History

विदुर नीति:शरीर रथ, इन्द्रियां घोडे और बुद्धि होती है सारथि

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: 1. मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथि और इंद्रियां घोड़े है। इनको सावधानी से नियंत्रण करने वाला  ही … more →

Tags: arebic, Art, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, कला, चिन्तन, दीपक भारतदीप, भाषा

संत कबीर वाणी:जीभ का रस सर्वोत्तम 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सहज तराजू आनि के, सब रस देखा तोल सब रस माहीं जीभ रस, जू कोय जाने बोल संत शिरोमणि कबीर दास जी कहते है … more →

Tags: aastha, कला, दीपक भारतदीप, भारत, संस्कार, समाज, साहित्य, हिंदी साहित्य, bharat

संत कबीर वाणी:पढ़ कर पत्थर और लिख कर ईंट होते लोग

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: चतुराई क्या कीजिए, जो नहिं शब्द समाय कोटिक गुन सूवा पढै, अन्त बिलाई खाय संत शिरोमणि कबीरदास जी कह … more →

Tags: aastha, aducation, arebic, आध्यात्म, आस्था, कबीर, चिन्तन, दीपक भारतदीप, भाषा

संत कबीर वाणी:ज्ञानी कोरी मान्यताओं में नहीं फंसते

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: चाल बकुल की चलत हैं, बहुरि कहावैं हंस ते मुक्ता कैसे चुंगे, पडे काल के फंस संत शिरोमणि कबीरदास जीं … more →

Tags: arebic, आलेख, कहानी, चाणक्य, दीपक भारतदीप, बिंब-प्रतिबिंब, विश्वास, शिक्षा, साहित्य

कौटिल्य अर्थशास्त्र: प्रजा को विरक्त न होने दे राज्य

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १. जो पुरुष वाणी में कठोरता दिखाता है उससे लोग उतेजित होते हैं यह अनर्थकारी है, इसलिए ऐसी … more →

Tags: आलेख, बिंब-प्रतिबिंब, भाषा, समाज, साहित्य, हिंदी साहित्य, bharat, Blogroll, blogvani

संत कबीर वाणी: साधू वह जो समदर्शी हो

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जौन चाल संसार के जौ साधू को नाहिं डिंभ चाल करनी करे, साधू कहो मत ताहिं संत शिरोमणि कबीरदास जीं कहते … more →

Tags: Blogroll, हिन्दी, Dashboard, anugoonj, आध्यात्म, चिन्तन, apne lamhe, हिंदी साहित्य, aducation

कबीर वाणी:उसी धन का संचय करो जो आगे काम आये

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: ‘कबीर’ मन फूल्या फिरै,करता हूँ मैं प्रेम कोटि क्रम सिरि ते चल्या, चेत न देखै भ्रम संत … more →

Tags: कबीर, भारत, भाषा, विश्वास, सृजन, हिंदी साहित्य, हिन्दी, bhaarat, bharat

आकर्षण के पीछे भ्रम भी होता है

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago:               क्रिकेट,फिल्म,राजनीति और और पत्रकारिता का क्षेत्र समाज में आकर्षण का केंद्र होते हैं … more →

Tags: anugoonj, arebic, आलेख, इंडिया, चिन्तन, दृष्टिकोण, प्रतिबिंब, बिंब-प्रतिबिंब, रात-बेरात

देवराज इन्द्र ने कहा- चलते रहो, चलते रहो

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: देवराज इंद्र द्वारा राजा हरिश्चन्द्र के पुत्र रोहित को उपदेश के रुप में संस्कृत में दिए गये श्लोक का … more →

Tags: aastha, anugoonj, apne lamhe, अनुगूँज, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आचरण, आध्यात्म, आलेख

बुरी आदतों से राहत नहीं मिलती

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:                         हम सारा दिन किसी न किसी काम में लगे रहने का प्रयास करते हैं, क्योंकि अपने जी … more →

Tags: Blogroll, hindi, writing, हिन्दी, Dashboard, anugoonj, अनुगूँज, Thought, sanskrati

पुस्तकों का संग्रह, ज्ञान का प्रमाण नहीं

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:                         जब सामान्य आदमी के मन में हलचल होती है वह उसे शांत करने के लिए किसी ज्ञानी … more →

Tags: Blogroll, hindi, writing, हिन्दी, Global Dashboard, Kavita, अनुगूँज, Thought, aastha

आकाश में धरती:फिर स्वर्ग और नरक कहॉ है?

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:                            वैज्ञानिकों ने आसमान एक धरती का अस्तित्त्व खोज निकाला है, उनके दावों पर … more →

Tags: Blogroll, hindi, writing, हिन्दी, Dashboard, anugoonj, Thought, aastha, sanskrati

क्योंकि लिखने में मज़ा आता है

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:                         मैं क्यों लिखता हूँ , मुझे नहीं मालुम ! अब सवाल भी अपने से है जवाब भी स्वयं … more →

Tags: apne lamhe, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, आस्था, इंडिया, कविता, दृष्टिकोण, धर्म, भारत

हिंदूओं की ताकत है ध्यान और गीता का ज्ञान 3 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:                    मैं देश में चल रहे माहौल को जब देखता हूँ जिसमें हिदू धर्म के प्रति लोगों के मन मे … more →

Tags: aastha, दृष्टिकोण, धर्म, विचार, संस्कार, हिन्दी, Blogroll, Dashboard, Global Dashboard

बाबा रामदेव की आलोचना से पहले अपने को देखें 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:                         भारत में आजकल एक फैशन हो गया है कि अगर आपको सस्ती लोकप्रियता प्राप्त करनी हो … more →

Tags: Blogroll, hindi, हिन्दी, Dashboard, Global Dashboard, Thought, aastha, sanskrati, hindoo

जो मैं अपना दर्द सुनाने चला-चिन्तन

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: घर से निकलकर मैं चौराहे पर यह सोचकर पहुंचा कि लोगों को अपना दर्द और व्यथाएं सुनाऊंगा और वह बडे प्या … more →

Tags: aastha, धर्म, विचार, हिन्दी, Blogroll, Global Dashboard

दर्द का यहाँ होता है व्यापार 3 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: राजनीति वह व्यापार है जिसमें गरीबी, बेकारी भ्रष्टाचार और भुखमरी का दर्द बेचा जाता  दर्द के इलाज का … more →

Tags: हिन्दी, क्षनिअका, विचार, कविता

घर से बाहर रोज निकलते हैं, कभी दिल से भी निकलें 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: अगर हम घर में लगातार बैठे रहते हैं तो एक समय ऐसा आ जाता है कि हमें बोरियत होने लगती है। हमें लगता है … more →

Tags: Blogroll, हिन्दी, Thought, aastha, धर्म, संस्कार, विचार


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