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Blogs about: Dharam

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विदुर नीति-अर्थ प्राप्ति के लिए धर्म का पालन करें (arth aur dharm-hindu adhyamik sandesh)

दीपक भारतदीप wrote 23 hours ago: यस्यात्मा विरतः पापाद कल्याणे च निवेशितः। तेन स्र्वमिदं बुद्धम् प्रकृतिर्विकृतिश्चय वा।। हिंदी में भ … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, कला, कविता, धर्म, मस्त राम, मस्तराम

लायकी से अधिक मिले तो घमंड आ ही जाता है-विदुर नीति-(yogyata aur ghamand-hindu sandesh)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 2 days ago: कौटिल्य महाराज के अनुसार —————————- उच्चेरुच्च … more →

Tags: अध्यात्म, अभिव्यक्ति, कला, मस्तराम, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Dashboard, Deepak bapu, Deepak bharatdeep

हिंदी आध्यात्मिक सन्देश-बेकार के कम न करें तो ही ठीक (vidur niti-bekar kam n karen)

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: तथैव योगविहितं यत्तु कर्म नि सिध्यति। उपाययुक्तं मेधावी न तव्र गलपयेन्मनः।। हिंदी में भावार्थ-अच्छे … more →

Tags: arebic, अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, कला, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्त राम, शब्द

गणेश चतुर्थी पर उनके गुणों का स्मरण-आलेख (hindi article on ganesh ji)

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: भारतीय अध्यात्मिक दर्शन में भगवान शिव को सत्य का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा एक बात महत्वपूर्ण ह … more →

Tags: abhivyakti, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, आलेख, चिन्तन, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, धर्म

ज्ञान की आड़ में आड़म्बर 4 comments

panditastro wrote 1 year ago: समाज में ज्योतिष का प्रभाव वैदिक काल से ही रहा है. वैदिक युग में मानव ने ज्योतिष सहित प्रत्येक ज्ञान … more →

Tags: gyan, jyotish, Vedic, puran, History

विदुर नीति:शरीर रथ, इन्द्रियां घोडे और बुद्धि होती है सारथि

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: 1. मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथि और इंद्रियां घोड़े है। इनको सावधानी से नियंत्रण करने वाला  ही … more →

Tags: Blogroll, writing, Global Dashboard, Thought, संस्कार, vividha, अभिव्यक्ति, चिन्तन, अनुभूति

संत कबीर वाणी:जीभ का रस सर्वोत्तम 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सहज तराजू आनि के, सब रस देखा तोल सब रस माहीं जीभ रस, जू कोय जाने बोल संत शिरोमणि कबीर दास जी कहते है … more →

Tags: Blogroll, writing, aastha, sanskrati, संस्कार, भारत, साहित्य, हिंदी साहित्य, edcation

संत कबीर वाणी:पढ़ कर पत्थर और लिख कर ईंट होते लोग

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: चतुराई क्या कीजिए, जो नहिं शब्द समाय कोटिक गुन सूवा पढै, अन्त बिलाई खाय संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते … more →

Tags: aastha, aducation, arebic, आध्यात्म, आस्था, कबीर, चिन्तन, दीपक भारतदीप, भाषा

संत कबीर वाणी:ज्ञानी कोरी मान्यताओं में नहीं फंसते

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: चाल बकुल की चलत हैं, बहुरि कहावैं हंस ते मुक्ता कैसे चुंगे, पडे काल के फंस संत शिरोमणि कबीरदास जीं क … more →

Tags: Blogroll, writing, हिन्दी, Dashboard, Thought, विश्वास, बिंब-प्रतिबिंब, आलेख, साहित्य

कौटिल्य अर्थशास्त्र: प्रजा को विरक्त न होने दे राज्य

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: १. जो पुरुष वाणी में कठोरता दिखाता है उससे लोग उतेजित होते हैं यह अनर्थकारी है, इसलिए ऐसी वाणी कभी न … more →

Tags: Blogroll, hindi, writing, Dashboard, Global Dashboard, vyangya, inglish, बिंब-प्रतिबिंब, आलेख

संत कबीर वाणी: साधू वह जो समदर्शी हो

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: जौन चाल संसार के जौ साधू को नाहिं डिंभ चाल करनी करे, साधू कहो मत ताहिं संत शिरोमणि कबीरदास जीं कहते … more →

Tags: Blogroll, हिन्दी, Dashboard, anugoonj, आध्यात्म, चिन्तन, apne lamhe, हिंदी साहित्य, aducation

कबीर वाणी:उसी धन का संचय करो जो आगे काम आये

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: ‘कबीर’ मन फूल्या फिरै,करता हूँ मैं प्रेम कोटि क्रम सिरि ते चल्या, चेत न देखै भ्रम संत शि … more →

Tags: Blogroll, हिन्दी, Dashboard, Global Dashboard, Thought, inglish, India, bhaarat, विश्वास

आकर्षण के पीछे भ्रम भी होता है

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:               क्रिकेट,फिल्म,राजनीति और और पत्रकारिता का क्षेत्र समाज में आकर्षण का केंद्र होते हैं । … more →

Tags: Blogroll, hindi, हिन्दी, Dashboard, Global Dashboard, anugoonj, Thought, sanskrati, संस्कार

देवराज इन्द्र ने कहा- चलते रहो, चलते रहो

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: देवराज इंद्र द्वारा राजा हरिश्चन्द्र के पुत्र रोहित को उपदेश के रुप में संस्कृत में दिए गये श्लोक का … more →

Tags: Blogroll, hindi, writing, हिन्दी, Dashboard, Global Dashboard, anugoonj, अनुगूँज, Thought

बुरी आदतों से राहत नहीं मिलती

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:                         हम सारा दिन किसी न किसी काम में लगे रहने का प्रयास करते हैं, क्योंकि अपने जी … more →

Tags: anugoonj, अनुगूँज, अभिव्यक्ति, आचरण, आध्यात्म, आस्था, इंडिया, चरित्र, ताल-बेताल

पुस्तकों का संग्रह, ज्ञान का प्रमाण नहीं

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:                         जब सामान्य आदमी के मन में हलचल होती है वह उसे शांत करने के लिए किसी ज्ञानी क … more →

Tags: aastha, अनुगूँज, अभिव्यक्ति, आचरण, आध्यात्म, आस्था, इंडिया, कविता, चरित्र

आकाश में धरती:फिर स्वर्ग और नरक कहॉ है?

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:                            वैज्ञानिकों ने आसमान एक धरती का अस्तित्त्व खोज निकाला है, उनके दावों पर अ … more →

Tags: aastha, anugoonj, apne lamhe, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, आस्था, क्षनिअका, दृष्टिकोण, धर्म

क्योंकि लिखने में मज़ा आता है

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:                         मैं क्यों लिखता हूँ , मुझे नहीं मालुम ! अब सवाल भी अपने से है जवाब भी स्वयं … more →

Tags: Blogroll, hindi, हिन्दी, Dashboard, Global Dashboard, Thought, sanskrati, धर्म, संस्कार

हिंदूओं की ताकत है ध्यान और गीता का ज्ञान 3 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:                    मैं देश में चल रहे माहौल को जब देखता हूँ जिसमें हिदू धर्म के प्रति लोगों के मन मे … more →

Tags: aastha, दृष्टिकोण, धर्म, विचार, संस्कार, हिन्दी, Blogroll, Dashboard, Global Dashboard


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