पूजा के विविध उपचार संक्षेप और विस्तार के भेद से पूजा के अनेकों प्रकार के उपचार हैं- पञ्चोपचार-१॰ गन्ध, २॰ पुष्प, ३॰ धूप, ४॰ दीप और ५॰ नैवेद्य। दस उपचार- १॰ पाद्य, २॰ अर्घ्य, ३॰ आचमन, ४॰ स्नान, ५॰ वस्… more →
Aspundir's Weblogaspundir wrote 2 months ago: पूजा के विविध उपचार संक्षेप और विस्तार के भेद से पूजा के अनेकों प्रकार के उपचार हैं- पञ्चोपचार-१॰ गन … more →
aspundir wrote 2 months ago: श्री हनुमद्ष्टोत्तर-शत-नामावली ॐ आंजनेयाय विद्महे महाबलाय धीमहि तन्नो हनुमान प्रचोदयात् ॐ आंजनेयाय न … more →
aspundir wrote 2 months ago: गोवर्धन पर्वत धारण करने पर नीचे की भुमि जलमग्न क्यों नहीं हुई? एक समय शिवजी ने पार्वती जी के सामने स … more →
aspundir wrote 2 months ago: शंकराचार्य परम्परा आद्यगुरु शंकराचार्य ने सनातन धर्म के कल्याणार्थ सम्पूर्ण भारत में पृथक्-पृथक् दिश … more →
aspundir wrote 2 months ago: सीता स्वयंवर में अयोध्या नरेश को आमंत्रण क्यों नहीं? राजा जनक के शासनकाल में एक व्यक्ति का विवाह हुआ … more →
aspundir wrote 3 months ago: ग्रह पीड़ा निवारक टोटके- सूर्य १॰ सूर्य को बली बनाने के लिए व्यक्ति को प्रातःकाल सूर्योदय के समय उठक … more →
aspundir wrote 6 months ago: ई-मेल पर श्वेता जी ने एक मजेदार वार्त्तालाप भेजा है, आप भी आनन्द लीजिये Jay : Mausi, ladka Satyam me … more →
aspundir wrote 8 months ago: देवोत्थान, प्रबोधिनी या देव उठनी एकादशी यह तो प्रसिद्ध ही है कि आषाढ़ शुक्ल से कार्तिक शुक्ल एकादशी … more →
aspundir wrote 8 months ago: “दीपावली” की सन्ध्या में सूर्यास्त के बाद उक्त यन्त्र लिखना प्रारम्भ करे। अगले दिन सूर्य … more →
aspundir wrote 8 months ago: अहोई अष्टमी यह व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष अष्टमी को मनाया जाता है। यह व्रत छोटे बच्चों के कल्याण के लिय … more →
aspundir wrote 8 months ago: लक्ष्मी ध्यान (१) सहस्त्रदलपद्मस्य कर्णिकावासिनीं पराम्। शरत्पार्वणकोटीन्दुप्रभाजुष्टवराम्बराम्।। स् … more →
aspundir wrote 8 months ago: सर्वैश्वर्यप्रद-लक्ष्मी-कवच श्रीमधुसूदन उवाच गृहाण कवचं शक्र सर्वदुःखविनाशनम्। परमैश्वर्यजनकं सर्वश … more →
aspundir wrote 9 months ago: कवच के प्रयोग तन्त्रों में कवच पाठ की कुछ विशिष्ट विधीयाँ भी उपलब्ध है। यथा- ॰ प्रातः, मध्याह्न एवं … more →
aspundir wrote 9 months ago: हनुमत्सहस्त्र नामावली विनियोगः- ॐ अस्य श्रीहनुमत्सहस्त्रनामस्तोत्रमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषिः हनुमान देवत … more →
aspundir wrote 9 months ago: चक्षुष्मती विद्या ॐ अस्याश्चाक्षुषीविद्याया अहिर्बुध्न्य ऋषिः, गायत्री छन्दः, सूर्यो देवता, ॐ बीजम्, … more →
mayasharma wrote 10 months ago: ग्रह, आर्थिक, विवाह-बाधा-निवारण प्रयोग १॰ सिन्दूर लगे अनुमान जी की मूर्ति का सिन्दूर लेकर सीता जी के … more →
aspundir wrote 10 months ago: ॥ श्री गणेश अष्टोतर नामावलि ॥ श्रीगणेशाय नमः ॐ अकल्मषाय नमः । ॐ अग्निगर्भच्चिदे नमः । ॐ अग्रण्ये नमः … more →
aspundir wrote 10 months ago: देवोपासना के कुछ सरल उपाय देवताओं की उपासना की अनेक विधियाँ शास्त्रों में दी गई है। उन विधियों का पा … more →
aspundir wrote 10 months ago: प्राणेश्वर श्रीकृष्ण मंत्र- “ॐ ऐं श्रीं क्लीं प्राण-वल्लभाय सौः सौभाग्यदाय श्रीकृष्णाय स्वाहा। … more →