aspundir wrote 4 months ago: श्री-बृहत्-महा-सिद्ध-कुञ्जिका-स्तोत्रम् ॥शिव उवाच॥ शृणु देवि! प्रवक्ष्यामि, कुञ्जिका-स्तोत्रमुत्तमम् … more →
aspundir wrote 4 months ago: सिद्धकुञ्जिकास्तोत्रम् शिव उवाच शृणु देवि प्रवक्षयामि कुञ्जिकास्तोत्रमुत्तमम्। येन मन्त्रप्रभावेण चण … more →
aspundir wrote 4 months ago: अष्ट-गन्ध ‘यन्त्र’ लिखते समय अथवा पूजन में ‘अष्ट-गन्ध’ के सम्बन्ध में कुछ वि … more →
aspundir wrote 6 months ago: पूजा के विविध उपचार संक्षेप और विस्तार के भेद से पूजा के अनेकों प्रकार के उपचार हैं- पञ्चोपचार-१॰ गन … more →
aspundir wrote 7 months ago: श्री हनुमद्ष्टोत्तर-शत-नामावली ॐ आंजनेयाय विद्महे महाबलाय धीमहि तन्नो हनुमान प्रचोदयात् ॐ आंजनेयाय न … more →
aspundir wrote 7 months ago: गोवर्धन पर्वत धारण करने पर नीचे की भुमि जलमग्न क्यों नहीं हुई? एक समय शिवजी ने पार्वती जी के सामने स … more →
aspundir wrote 7 months ago: शंकराचार्य परम्परा आद्यगुरु शंकराचार्य ने सनातन धर्म के कल्याणार्थ सम्पूर्ण भारत में पृथक्-पृथक् दिश … more →
aspundir wrote 7 months ago: सीता स्वयंवर में अयोध्या नरेश को आमंत्रण क्यों नहीं? राजा जनक के शासनकाल में एक व्यक्ति का विवाह हुआ … more →
aspundir wrote 7 months ago: ग्रह पीड़ा निवारक टोटके- सूर्य १॰ सूर्य को बली बनाने के लिए व्यक्ति को प्रातःकाल सूर्योदय के समय उठक … more →
aspundir wrote 10 months ago: ई-मेल पर श्वेता जी ने एक मजेदार वार्त्तालाप भेजा है, आप भी आनन्द लीजिये Jay : Mausi, ladka Satyam me … more →
aspundir wrote 1 year ago: देवोत्थान, प्रबोधिनी या देव उठनी एकादशी यह तो प्रसिद्ध ही है कि आषाढ़ शुक्ल से कार्तिक शुक्ल एकादशी … more →
aspundir wrote 1 year ago: “दीपावली” की सन्ध्या में सूर्यास्त के बाद उक्त यन्त्र लिखना प्रारम्भ करे। अगले दिन सूर्य … more →
aspundir wrote 1 year ago: अहोई अष्टमी यह व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष अष्टमी को मनाया जाता है। यह व्रत छोटे बच्चों के कल्याण के लिय … more →
aspundir wrote 1 year ago: लक्ष्मी ध्यान (१) सहस्त्रदलपद्मस्य कर्णिकावासिनीं पराम्। शरत्पार्वणकोटीन्दुप्रभाजुष्टवराम्बराम्।। स् … more →
aspundir wrote 1 year ago: सर्वैश्वर्यप्रद-लक्ष्मी-कवच श्रीमधुसूदन उवाच गृहाण कवचं शक्र सर्वदुःखविनाशनम्। परमैश्वर्यजनकं सर्वशत … more →
aspundir wrote 1 year ago: कवच के प्रयोग तन्त्रों में कवच पाठ की कुछ विशिष्ट विधीयाँ भी उपलब्ध है। यथा- ॰ प्रातः, मध्याह्न एवं … more →
aspundir wrote 1 year ago: हनुमत्सहस्त्र नामावली विनियोगः- ॐ अस्य श्रीहनुमत्सहस्त्रनामस्तोत्रमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषिः हनुमान देवत … more →