तुमसे हूँ मैं और मुझसे हो तुम वरना तो सब अधूरा यही लफ्ज़ बार बार मूड कर हमसे ज़िंदगी कहेती है | सुनो तुम मेरा गीत और मैं तुम्हारी धड़कन में बस जाउँ बन जाए ऐसी धुन जिस में जीवन की नदिया मिलती है … more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: तुमसे हूँ मैं और मुझसे हो तुम वरना तो सब अधूरा यही लफ्ज़ बार बार मूड कर हमसे ज़िंदगी कहेती है | … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हम तुम अलग अलग दो तन एक मन बाहों में ये कंपन हमारी तुम्हारी बढ़ती धड़कन हम फूल तुम खुशबू इन फ़िज़ा … more →