देखा नज़र भर के तुझे जमाना हुआ हमारी रुसवाईयों का सबब पुराना हुआ | हम कब के भुला चुके तीर-ए-नश्तर नफ़रत-ओ-गुबार दिल से रवाना हुआ | दुनिया की दौड़ में हो गया शामिल इंसान खुद की शख्सियत से बेगाना हुआ | … more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: देखा नज़र भर के तुझे जमाना हुआ हमारी रुसवाईयों का सबब पुराना हुआ | हम कब के भुला चुके तीर-ए-नश्तर नफ … more →
mehhekk wrote 1 year ago: रब्बा दीदार करा दे रब्बा ये मुझे क्या हुआ है शायद इश्क़ का बुखार चढ़ा है | रब्बा मैं सूद बुद खो बैठी … more →