दिल में अब दर्द-ऐ-मोहब्बत के सिवा कुछ भी नहीं, जिन्दगी मेरी इबादत के सिवा कुछ भी नहीं, मैं तेरी बारगाह-ऐ-नाज़ में क्या पेश करूं, मेरी झोली में मोहब्बत के सिवा कुछ भी नहीं, ऐ खुदा मुझ से न ले मेरे गुनाह… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: दिल में अब दर्द-ऐ-मोहब्बत के सिवा कुछ भी नहीं, जिन्दगी मेरी इबादत के सिवा कुछ भी नहीं, मैं तेरी बारग … more →