बड़ी दुविधा में है आज हम | हमारा नाज़ुक सा दिल एक कोने रूठा बैठा है | वजह पूछी रूठने की ,कहता है उसे ईर्षा हुई है,वो भी खूबसूरत चाँद से | अजी हमारा दिल और ईर्षा तौबा,खूबसूरती से वो इश्क़ ज़रूर… more →
mehekkmuskan wrote 5 months ago: अपने जब दूर जाते है तो बहुत दर्द देते है पर अपने जब पास रह कर भी दूरिया बना लेते है … more →
mehhekk wrote 8 months ago: बड़ी दुविधा में है आज हम | हमारा नाज़ुक सा दिल एक कोने रूठा बैठा है | वजह पूछी रूठने की ,कहत … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: लंबा तगड़ा और आकर्षक चेहरे वाला वह लड़का शहर की फुटपाथ पर चला जा रहा था सामने एक सुंदर गौरवर्ण लडकी … more →
mehhekk wrote 1 year ago: शाम सुहानी सी धूप की चादर को हटाकर बिखर गये नीले स्याह से बादल गरजत बरसात बूँदों का आना ,गालों पर … more →
mehhekk wrote 1 year ago: एक तेरा एक मेरा खिलतें है हज़ारों गुलाब जब आते हो तुम साजन फ़िज़ायें भी बहकने लगती है कर खुशबू का रु … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तुम्हे देख ए हमनशी कदम खुद ब खुद चलते है बड़ी मुश्किल से जज़्बा-ओ-दिल हमसे संभलते है | मिलने तुझ स … more →
kmuskan wrote 1 year ago: हम तो आए थे आपसे, हाल ए िदल बयाँ करने पर बातो ही बातो मे , गजल बन गई । जो िदल मे था, जबाँ से सब कह … more →
mehhekk wrote 1 year ago: ये दील अक्सर नादान हरकतें करता है अचानक ही धड़कना भूल जाया करता है याद नही रखता अब कुछ और तेरे सिव … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तेरी याद में कितनी करवटें बदली,कितनी सिलवटें बिखरी नींद से कोसो दूर वो रात भी जागी साथ हमारे गम-ए … more →
mehhekk wrote 1 year ago: खामोशियाँ भी तेरी दिल को है गवारा अज़ीज-ए-जानशीन के किस्सा-ओ- मोहोब्बत तेरी आँखों से बयान हो जाता द … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हसरतो के कमल आओ आओ सखियों आओ,कुछ राज़ बताना चाहूं मैं दिल की बगिया में अब के ,नये गुल खिलान … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हाथों में उठाए काग़ज़ और क़लम लिख देते है दिल के जज़्बातों को खुद के ही अल्फ़ाज़ कभी पक्के ,कभ … more →
mehhekk wrote 1 year ago: रब्बा दीदार करा दे रब्बा ये मुझे क्या हुआ है शायद इश्क़ का बुखार चढ़ा है | रब्बा मैं सूद बुद खो बैठी … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तेरी पायल की रुनझुन दिल में हलचल कराती है दिल में मीठे सुर सज़ाती है दिल से गीत सुनाती है दिल को महफ … more →
mehhekk wrote 1 year ago: वो तुम ही तो हो रहता है जो इन झील सी निगाओं में बन कर ख्वाब मेरे,वो तुम ही तो हो | नाम लेती हूँ जिसक … more →
mehhekk wrote 1 year ago: दिल कितने मुझमे राज़ छुपे हे कितनी तेरी खट्टी मीठी बाते तेरे मन की बात में जान पाउ जियु तेरे संग सुन … more →