दिन आ गए शबाब के आँचल संभालिये, होने लगी है शहर में हलचल संभालिये, चलिए संभल संभल के कठिन राह-ऐ-इश्क है, नाज़ुक बड़ी है आपकी पायल संभालिये, सज धज के आप निकले सरे राह खैर हो, टकरा न जाए आपका पागल संभालिय… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: दिन आ गए शबाब के आँचल संभालिये, होने लगी है शहर में हलचल संभालिये, चलिए संभल संभल के कठिन राह-ऐ-इश्क … more →