आज मैं अपने डेस्क को ठीक कर रहा था और कहीं कोने से मेरे हाथ एक फोल्डर लगा | उस फोल्डर में रंगीन कगाज़ में लिखी मेरी पांच कवितायेँ मिली – चार हिंदी और एक अंग्रेजी | अंग्रेजी कविता “Only I c… more →
Nitin Jalanmequitnever wrote 1 month ago: आज मैं अपने डेस्क को ठीक कर रहा था और कहीं कोने से मेरे हाथ एक फोल्डर लगा | उस फोल्डर में रंगीन कगाज … more →
mequitnever wrote 3 months ago: After breathing for 22 years 8 months 2 weeks 5 days 9 hours 17 minutes and counting, I realized, … more →
mequitnever wrote 4 months ago: आज अचानक आभास हो आया है कि सब निरर्थक है | मैं कहाँ हूँ – किधर को जा रहा हूँ – पता न … more →