आपने काला-बाज़ार के बारे में तो सुना ही होगा कि कैसे किसी वस्तु की माँग बढ़ती दिखती है तो साहूकार अपने गोदाम भर लेते हैं और जब बाज़ार में माल मिलना बंद हो जाता है तो वे मन-माफ़िक दामों पर बेचते हैं। साथ ह… more →
दुनिया मेरी नज़र से - world from my eyes!!योगेन्द्र जोशी wrote 1 month ago: अब आप इंटरनेट वेब साइटों (अंतरजाल स्थलों?) के पतों को लैटिन/रोमन लिपि के बदले विश्व की तमाम अन्य मान … more →
Amit wrote 1 year ago: आपने काला-बाज़ार के बारे में तो सुना ही होगा कि कैसे किसी वस्तु की माँग बढ़ती दिखती है तो साहूकार अपने … more →