दोस्त बन बन के मिले मुझको मिटाने वाले मैं ने देखे हैं कई रंग बदलने वाले तुमने चुप रहकर सितम और भी ढाया मुझ पर तुमसे अच्छे हैं मेरे हाल पे हंसनेवाले (सितम : injustice) मैं तो इख़लाक़ के हाथों ही बिका क… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 3 years ago: दोस्त बन बन के मिले मुझको मिटाने वाले मैं ने देखे हैं कई रंग बदलने वाले तुमने चुप रहकर सितम और भी ढा … more →