मुझसे बिछड़ के खुश रहते हो, मेरी तरह तुम भी झूठे हो, इक टहनी पर चाँद टिका था, मै… more →
Amarjeet Singh wrote 11 months ago: मुझसे बिछड़ के खुश रहते हो, मेरी तरह तु … more →
Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, सहर, Ghazal, Jagjit Singh, Non Films, Saher, जगजीत सिंह
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