कितनी दफा हम पूछते हैं न….. आख़िर क्यूँ..??? कुछ बातों का कोई कारण नही होता कोई अर्थ नहीं होता कोई तर्क नहीं होता आप स्वीकारें न स्वीकारें…. कोई फर्क नही होता….!!! कुछ सवालों का … more →
Gaurav Sangtanikketish wrote 4 days ago: कोई तो हो ऐसा जो सिर्फ मेरा हो, बातों में उनकी खुशबु हो, दिल में उनका बसेरा हो, चाहे तो चाहत मेरी, म … more →
विनय wrote 10 months ago: I am sitting beneath the sunset and looking for your love (love) ’cause there’s no reaso … more →
विनय wrote 1 year ago: सहने दे ग़म थोड़ा – थोड़ा जो तुमने रुख़ मोड़ा-मोड़ा जान यह जाने दे ज़रा-ज़रा रहने दे आँखों को भर … more →
विनय wrote 1 year ago: I’m deserted with dreams to feel the thirst And trying to find all your best I did each n … more →
विनय wrote 1 year ago: तन्हाई में भी हम दोनों साथ हैं यूँ लगता है मानो हाथों में हाथ हैं वह पहली शाम जब देखा था तुम्हें मैं … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: कितनी दफा हम पूछते हैं न….. आख़िर क्यूँ..??? कुछ बातों का कोई कारण नही होता कोई अर्थ नहीं हो … more →
विनय wrote 1 year ago: तू जाके फिर ना आयी मगर बार-बार आती रही तेरी याद सबने सुनी कहानी मेरी पर ना सुनी गयी मेरी फ़रियाद मैं … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: बदनाम मेरे प्यार का अफ़साना हुआ है दीवाने भी कहते हैं की दीवाना हुआ है रिश्ता था तभी तो किसी बेदर् … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: आओ आज नाम बदल लें…! ले लो इस नाम से जुड़ी सब दौलत और शौहरत, मुझे बेनामी का सुकून लौटा दो … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: क्या लिखूं…. पैगाम लिखूं… तुझे जज़्बात लिखूं… या अपने ये हालात लिखूं…. क्या … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: गीले काग़ज़ क़ी तरह है ज़िंदगी अपनी,कोई जलाता भी नहीं और कोई बुझाता भी नहीं |इस कदर अकेले हो गये हैं … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं, तुम कह देना कोई खास नही……. एक दोस्त है कच्चा पक्का सा, एक … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: कुछ शेर धुंधले से…. कहीं सुने थे कभी…. जिन्होने भी लिखे हैं उन्हे सलाम… १. तेरी या … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: हम को तो गर्दिश-ए-हालात पे रोना आया रोने वाले तुझे किस बात पे रोना आया कैसे मर-मर के गुज़ारी है तुम् … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: आज अश्कों का तार टूट गया रिश्ता-ए-इंतज़ार टूट गया यूँ वो ठुकरा के चल दिए गोया इक खिलौना था प्यार टूट … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: खुदा हम को ऐसी खुदाई ना दे कि अपने सिवा कुछ दिखाई ना दे ख़तावार समझेगी दुनिया तुझे अब इतनी भी ज़्याद … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: पास आकर भी फ़ासले क्यों हैं | राज़ क्या है, समझ मे ये आया || उस को भी याद है कोई अब तक | मैं भी तुमक … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: बस इक झिझक है यही हाल-ए-दिल सुनाने में कि तेरा ज़िक्र भी आएगा इस फसाने में इसी में इश्क़ की क़िस्म … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: हो गयी है शाम, तेरी याद आ रही है | हर तरफ है धुन्ध, हर आस जा रही है || खो गया है अब तो मेरा खुद का व … more →