विनय wrote 11 months ago: जो लोग अच्छे होते हैं दिखते नहीं हैं चाहने वाले बाज़ार में बिकते नहीं हैं ख़ुद से पराया ग़ैरों से अपन … more →
विनय wrote 1 year ago: मैं उससे मोहब्बत करता था आज भी करता हूँ काँच के दिल में जान भरता हूँ मेरे ख़ाबों में मेरे सपनों में … more →
विनय wrote 1 year ago: आ तेरी आँखों के नीलम से यह चाँद-रात नीली कर दूँ पलकों पे रख लूँ कुछ ख़ाब तेरे अपने कर लूँ… खोन … more →