तुम को हम दिल में बसा लेंगे तुम आओ तो सही, सारी दुनिया से छुपा लेंगे तुम आओ तो सही, एक वादा करो अब हम से न बिछडोगे कभी, नाज़ हम सारे उठा लेंगे तुम आओ तो सही, बेवफा भी हो सितमगर भी जफ़ा पेशा भी, हम खुदा … more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: तुम को हम दिल में बसा लेंगे तुम आओ तो सही, सारी दुनिया से छुपा लेंगे तुम आओ तो सही, एक वादा करो अब ह … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: सफर मे धुप तो होगी जो चल सको तो चलो, सभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो, किसी के वास्ते राहें क … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: देने वाले मुझे मौजों की रवानी दे दे, फिर से एक बार मुझे मेरी जवानी दे दे, अब्र तो जाम हो साकी हो मेर … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: फिर उसी राहगुज़र पर शायद, हम कभी मिल सकें मगर शायद, जान पहचान से क्या होगा, फिर भी ऐ दोस्त गौर कर शाय … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: ऐसा लगता है जिन्दगी तुम हो, अजनबी कैसे अजनबी तुम हो, अब कोई आरजू नहीं बाकी, जुस्तजू मेरी आखरी तुम हो … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: मै चाहता भी यही था वो बेवफ़ा निकले उसे समझने का कोई तो सिलसिला निकले किताब-ए-माज़ी के औराक़ उलट के देख … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: हज़ूर आपका भी एह्तराम करता चलूं.. इधर से गुज़रा था.. सोचा सलाम करता चलूं.. निगाह-ए-दिल की येही आखिरी त … more →