१.धर्मज्ञ राजा को जातियों, धर्मों, राज्य के धर्मों, श्रेणी धर्मों(व्यवसाय के प्रकार से नियत धर्मों) तथा कुल धर्मों को अच्छी तरह समझकर अपने धर्म का अनुसरण करना चाहिऐ. २.जाति, देश और कुल धर्मानुसार अपन… more →
****दीपकबापू कहिन**** ****Deepak Bharatdeep's hindi patrika****दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.धर्मज्ञ राजा को जातियों, धर्मों, राज्य के धर्मों, श्रेणी धर्मों(व्यवसाय के प्रकार से नियत धर्मों) … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: भारत एक बृहद देश है और इसमें तमाम प्रकार के समुदाय और समाज के लोग रह्ते है और यह कोई नयी बात नही ह … more →