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Blogs about: Education

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अब गांवों में लपचू नही होता1 comment

Krishna Kumar Mishra wrote 7 hours ago: गांव का कच्ची मिट्टी का घर ऐर उसके सामने विचरण करते क्रौंच मैनहन, खीरी, उत्तर प्रदेश भारत क्योंकि अब … more →

Tags: History & Environment, Agriculture, कबड्डी, कुत्ता, क्रौंच, घारी, पिल्ला, लपचू, लुक्काचोर

आज भी प्रभावी मैकॉले की ब्रिटिश शिक्षा नीति: "We must do our best to form a class ... "2 comments

योगेन्द्र जोशी wrote 3 days ago: अपने देश, इंडिया दैट इज भारत, (and ironically India is actually not Bharat) की भेदभावपूर्ण तथा दोहरी … more →

Tags: भारत, शिक्षा, India, भारत में ब्रिटिश राज, मैकॉले शिक्षा नीति, British Rule in India, Macaulay's Education Policy

युद्ध और सत्संग-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: धर्म के लिए अब नहीं होता सत्संग हर कोई लड़ रहा है, उसके नाम पर जंग. किताबों के शब्द का सच अब तलवार स … more →

Tags: अभिव्यक्ति, कविता, ताल-बेताल, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, दृश्य, मस्तराम, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका

न सतयुग, न कलियुग-हास्य कविता (satyug aur kaliyug-hasya kavita

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: फंदेबाज मिला रास्ते में और बोला ‘चलो दीपक बापू तुम्हें एक सम्मेलन में ले जायें। वहां सर्वशक्तिमान के … more →

Tags: writing, हिन्दी, inglish, अभिव्यक्ति, India, अनुभूति, knowledge, समाज, सृजन

आयु के अनुसार होता है मनोरंजन का स्वरूप-आलेख (age fector and entertainment-hindi article)

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: वह कौनसी संस्कृति और संस्कार है जिसके नष्ट होने का खतरा पैदा हो गया है जिसे बचाने के लिये इतने सारे … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, नज़रिया, भारत, मस्तराम, हिंदी आलेख

Song of Youth1 comment

Ajay Saklani wrote 3 months ago: Song of Youth Me and My Nation – India As a young citizen of India, armed with technology, knowledge … more →

Tags: Dr. A.P.J. Abdul Kalam, Song of Youth

शिक्षा पर ओशो के विचार 2 comments

hsonline wrote 4 months ago: इन दिनों शिक्षा व्यवस्था पर बहस छिड़ी हुई है। पूरा देश इस बात पर बहस कर रहा है कि दसवीं की परीक्षा हो … more →

Tags: Education(शिक्षा), दर्शन, osho, Indian Education

Aaj bachche school ja rahein hain…13 comments

theregoesathought wrote 4 months ago: s आज बच्चे स्कूल जा रहें हैं… s हाथ में पानी की बोतल है, कंधे पे किताबों का बोझ है… s कल इन्ही में स … more →

Tags: Unsuccessful Poems, Poem, crimes and society, Hindi Poem, kids, Nida Fazli, schooling

शिक्षा12 comments

gulabkothari wrote 4 months ago: एक समय था जब शिक् … more →

Tags: spandan, patrika, Gulab, gulab kothari, Rajasthan Patrika, patrika.com, rajasthanpatrika.com, गुलाब कोठारी, shiksha

छोटा आदमी, बड़ा आदमी-लघुकथा

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: वह शिक्षित बेरोजगार युवक संत के यहां प्रतिदिन जाता था। उसने देखा कि उनके आशीर्वाद से अनेक लोगों की म … more →

Tags: हिन्दी, अभिव्यक्ति, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य, Internet, online jurnalism, Blogging, समाज, web duniya

शांता तेरे राज में, बच्चे जले आग में....7 comments

Ajay Saklani wrote 5 months ago: बस 6 किलोमीटर दूर था मेरा स्कूल मेरे घर से, पर फिर भी घर वालों को चिंता होती थी कि बच्चे स्कूल कैसे … more →

Tags: My Experiences, Politics

सर्वशक्तिमान नहीं पैसा बनाता है जोड़ी-हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: कौन कहता है ऊपर वाला ही बनाकर भेजता इस दुनियां में जोड़ी पचास साल के आदमी के साथ कैसे जम सकती है बाई … more →

Tags: Blogroll, inglish, कविता, अभिव्यक्ति, व्यंग्य, Internet, क्षणिका, online jurnalism, Family

THE MEANING OF EDUCATION

Milestone Education Society wrote 5 months ago: http://www.teachersmind.com/pdfdirectory/Education.PDF, 22-04-2009. Education Education is, accordin … more →

कैसा नस्लवाद कैसा रूप5 comments

Ajay Saklani wrote 5 months ago: ऑस्ट्रेलिया में भारतियों के साथ आज जो भेदभाव हो रहा है उसे हम नस्लवाद का नाम देकर एक बहुत बड़ा मुद्द … more →

Tags: Politics, Society, Australia, Discrimination, racism

टेलीफोन की हड़ताल का तिलिस्म-व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: देश की एक टेलीफोन कंपनी में कर्मचारियों की हड़ताल हो गयी तो उसके इंटरनेट प्रयोक्ताओं को भारी परेशानी … more →

Tags: inglish, हिन्दी, अभिव्यक्ति, हास्य व्यंग्य, Internet, online jurnalism, web duniya, hindi bharat, web dunia

इन्सान जमीन पर कटते रहे-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: लुटता रहा पूरा शहर मगर लोग देखते रहे। ‘खराब ज़माना आ गया है’ एक दूसरे से बस यही कहते रहे। ‘बचाने के ल … more →

Tags: कविता, नज़रिया, शायरी, व्यंग्य, भारत, Internet, शब्द, web duniya, hindi sahitya

कबीर दास के दोहे: अंधों के आगे रोना, अपनी आँखें बेकार में खोना

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: संत कबीरदास जी का कहना है ——————— गाहक मिलै तो कुछ कहूं, न … more →

Tags: inglish, हिन्दी, Internet, online jurnalism, bharat, Religion, web duniya, hindi bharat, web dunia

मशहूर होने का बोझ सभी नहीं उठा सकते-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: हिंदी ब्लाग जगत पर अनेक लोग छद्म नाम से लिखते हैं और यह परंपरा उन्होंने अंग्रेजी से ही ली है। जहां त … more →

Tags: inglish, हिन्दी, संपादकीय, अभिव्यक्ति, Internet, web duniya, web dunia, web nayi duniya, web panjab kesari

ज्ञान किसी समाज की संपत्ति नहीं होता-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: ज्ञान किसी समाज की संपत्ति नहीं होता-आलेख इस बार गुडफ्राइडे के अवसर पर वैटिकन सिटी में आयोजित एक प्र … more →

Tags: writing, हिन्दी, inglish, संपादकीय, दीपक द्वारा, अभिव्यक्ति, India, भारत, अनुभूति


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