धर्म के लिए अब नहीं होता सत्संग हर कोई लड़ रहा है, उसके नाम पर जंग. किताबों के शब्द का सच अब तलवार से बयान किया जाता तय किये जाते हैं अब धार्मिक रंग. एक ढूँढता दूसरे के किताब के दोष ताकि बढ़ा सके वह ज़… more →
****दीपकबापू कहिन**** ****Deepak Bharatdeep's hindi patrika****Krishna Kumar Mishra wrote 7 hours ago: गांव का कच्ची मिट्टी का घर ऐर उसके सामने विचरण करते क्रौंच मैनहन, खीरी, उत्तर प्रदेश भारत क्योंकि अब … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 3 days ago: अपने देश, इंडिया दैट इज भारत, (and ironically India is actually not Bharat) की भेदभावपूर्ण तथा दोहरी … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: धर्म के लिए अब नहीं होता सत्संग हर कोई लड़ रहा है, उसके नाम पर जंग. किताबों के शब्द का सच अब तलवार स … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: फंदेबाज मिला रास्ते में और बोला ‘चलो दीपक बापू तुम्हें एक सम्मेलन में ले जायें। वहां सर्वशक्तिमान के … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: वह कौनसी संस्कृति और संस्कार है जिसके नष्ट होने का खतरा पैदा हो गया है जिसे बचाने के लिये इतने सारे … more →
Ajay Saklani wrote 3 months ago: Song of Youth Me and My Nation – India As a young citizen of India, armed with technology, knowledge … more →
hsonline wrote 4 months ago: इन दिनों शिक्षा व्यवस्था पर बहस छिड़ी हुई है। पूरा देश इस बात पर बहस कर रहा है कि दसवीं की परीक्षा हो … more →
theregoesathought wrote 4 months ago: s आज बच्चे स्कूल जा रहें हैं… s हाथ में पानी की बोतल है, कंधे पे किताबों का बोझ है… s कल इन्ही में स … more →
gulabkothari wrote 4 months ago: एक समय था जब शिक् … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: वह शिक्षित बेरोजगार युवक संत के यहां प्रतिदिन जाता था। उसने देखा कि उनके आशीर्वाद से अनेक लोगों की म … more →
Ajay Saklani wrote 5 months ago: बस 6 किलोमीटर दूर था मेरा स्कूल मेरे घर से, पर फिर भी घर वालों को चिंता होती थी कि बच्चे स्कूल कैसे … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: कौन कहता है ऊपर वाला ही बनाकर भेजता इस दुनियां में जोड़ी पचास साल के आदमी के साथ कैसे जम सकती है बाई … more →
Milestone Education Society wrote 5 months ago: http://www.teachersmind.com/pdfdirectory/Education.PDF, 22-04-2009. Education Education is, accordin … more →
Ajay Saklani wrote 5 months ago: ऑस्ट्रेलिया में भारतियों के साथ आज जो भेदभाव हो रहा है उसे हम नस्लवाद का नाम देकर एक बहुत बड़ा मुद्द … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: देश की एक टेलीफोन कंपनी में कर्मचारियों की हड़ताल हो गयी तो उसके इंटरनेट प्रयोक्ताओं को भारी परेशानी … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: लुटता रहा पूरा शहर मगर लोग देखते रहे। ‘खराब ज़माना आ गया है’ एक दूसरे से बस यही कहते रहे। ‘बचाने के ल … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: संत कबीरदास जी का कहना है ——————— गाहक मिलै तो कुछ कहूं, न … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: हिंदी ब्लाग जगत पर अनेक लोग छद्म नाम से लिखते हैं और यह परंपरा उन्होंने अंग्रेजी से ही ली है। जहां त … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: ज्ञान किसी समाज की संपत्ति नहीं होता-आलेख इस बार गुडफ्राइडे के अवसर पर वैटिकन सिटी में आयोजित एक प्र … more →