एक ना एक शम्मा अन्धेरे में जलाये रखिये सुब्ह होने को है माहौल बनाये रखिये (शम्मा : lamp, candle-light; सुब्ह : morning; माहौल : environment) जिन के हाथों से हमें ज़ख्म-ए-निहाँ पहुँचे हैं वो भी कहते है… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 3 years ago: एक ना एक शम्मा अन्धेरे में जलाये रखिये सुब्ह होने को है माहौल बनाये रखिये (शम्मा : lamp, candle-ligh … more →