जो दिल से जाता नहीं है तू वह गीत है जो दिल में आकर बसा था तू वह मीत है साँसों की … more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय प्रजापति wrote 6 months ago: जो दिल से जाता नहीं है तू वह गीत है जो द … more →
विनय प्रजापति wrote 11 months ago: क्या पाया और कितना पाया ज़िन्दगी से हमे … more →