सादगी से कही बात किसी को समझ में नहीं आती है इसलिए शायद कुछ लोग श्रृंगार रस की चाशनी में डुबो कर सुनाते हैं अलंकारों में सजाते हैं तो कुछ वीभत्स के विष से डराते हैं आदमी में विषय के लिए जिज्ञासा जगाते… more →
** दीपक भारतदीप की अमृत संदेश-पत्रिका** Mastram Deepak Bharatdeep's Hindi express patrikaदीपक भारतदीप wrote 9 months ago: सादगी से कही बात किसी को समझ में नहीं आती है इसलिए शायद कुछ लोग श्रृंगार रस की चाशनी में डुबो कर सुन … more →