बिन तुम्हारे मैं क्या हूँ तुम न समझोगे आप तन्हाई की सदा हूँ तुम न समझोगे तुम्… more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: बिन तुम्हारे मैं क्या हूँ तुम न समझोगे … more →
Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, ख़त, ग़म, चाँद, टुकड़ा, तन्हाई, दिल, निगाह
Next →
Follow this tag via RSS