दुनिया को परमाणु बिजली संयंत्र के राक्षसी स्वरूप का तार्रुफ़ चेर्नोबिल करा गया है । २६ अप्रैल , १९८६ को चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र का एक रिएक्टर विस्फोट के साथ फटा। २८०० डिग्री सेन्टिग्रेड की गर्मी से उस… more →
समाजवादी जनपरिषदपा.ना. सुब्रमणियन wrote 2 months ago: बात पुरानी है. हम उन दिनों युवा थे और बस्तर में पदस्थ थे. हम पांच मित्रोंने मिलकर भद्राचलम जाने का क … more →
अफ़लातून wrote 2 months ago: दुनिया को परमाणु बिजली संयंत्र के राक्षसी स्वरूप का तार्रुफ़ चेर्नोबिल करा गया है । २६ अप्रैल , १९८६ … more →
अफ़लातून wrote 3 months ago: भारत के मध्यम वर्ग को आकर्षित करने वाला , फाँय – फाँय अंग्रेजी बोलने वाला और अँग्रेजी में … more →
saravmitra wrote 3 months ago: We first read about Nikola Tesla, the radio pioneer, transferring electricity through the air to pow … more →
अफ़लातून wrote 4 months ago: इस सैद्धान्तिक अन्तर्विरोध का हल खोजने की कोशिश में हम एक नये सत्य पर पहुचते हैं । दरअसल पूंजीवा … more →
पा.ना. सुब्रमणियन wrote 4 months ago: अक्सर ऐसा होता है कि जो चीज आप के पास रहती है उसमें हमारी रूचि उतनी नहीं रहती या उसे अहमियत नहीं दे … more →
अफ़लातून wrote 4 months ago: पिछले भाग से आगे : जाहिर है लोहिया का यह निष्कर्ष गलत साबित हुआ । पूंजीवाद ज्यादा दीर्घायु और ज्याद … more →
अफ़लातून wrote 4 months ago: लेखक समाजवादी जनपरिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा अर्थशास्त्री हैं |डा. राममनोहर लोहिया की प्रसिद्ध पुस … more →
पा.ना. सुब्रमणियन wrote 4 months ago: पिछली पोस्ट में आपने पन्हाला के किले के बारे में जाना. अब कोल्हापुर चलते हैं. पन्हाला से कोल्हापु … more →
पा.ना. सुब्रमणियन wrote 6 months ago: अभी कल ही सारथी पर बात निकली “खटाई तेरे रूप अनेक” तो हमें याद आया एक राक्षसी पेड़ का … more →
पा.ना. सुब्रमणियन wrote 9 months ago: बचपन से ही मुझे साँपों से बड़ा डर लगता था. गाँव जाने पर तो मेरी हालत खराब हो जाती थी. हमारे घर से … more →
अफ़लातून wrote 9 months ago: इक्वाडोर : राजनैतिक मानचित्र प्रकृति और पर्यावरण को हक़ देने वाला इक्वाडोर पहला देश बन गया है । … more →
Rakesh wrote 10 months ago: 7 Engineers and 7 Doctors are going from PUNE to Mumbai.So both groups gather at Pune Station. Both … more →
suresh315 wrote 1 year ago: एक लड़ाई अभी जारी है, कब शुरू हुई कोई नहीं जानता, किसने शुरू की पता नहीं, पर शायद हम सब जानते हैं, बस … more →
suresh315 wrote 1 year ago: जल और जीवन एक हैं, जल संचय तब जीवन संचय, जब नभ देते जल उपहार, नहीं संजोते, व्यर्थ गवांते, और वाद मैं … more →
विनय wrote 1 year ago: Man you can march But can never torch On your blind eyes Man you can win N’ can fight to win w … more →
Vivek Buwa wrote 1 year ago: I think that I shall never see A poem as lovely as a tree A tree whose hungry mouth is prest Aga … more →