कृष्णा राधिका के निश्चल प्रेम को लेकर , स्नेह को देख कृष्ण भार्या रुखमिनी के मन में हमेशा सवाल रहते.| राधिका का कभी द्वेष नही किया रुखमिनी ने, मगर प्रभु से वह हमेशा पूछती, मैं भी आपसे असीम प्रेम करती … more →
mehekmehhekk wrote 8 months ago: कृष्णा राधिका के निश्चल प्रेम को लेकर , स्नेह को देख कृष्ण भार्या रुखमिनी के मन में हमेशा सवाल रहते. … more →
mehhekk wrote 10 months ago: उस आसमाँ के परे रहनेवाले तुम ना मिली हूँ,नही दीदार हुआ है तेरा इन नैनो के ख्वाबो में तेरा हुआ बसेर … more →
mehhekk wrote 1 year ago: मंदिर होये मूरत,हृदय बसे भगवन ये छोटिसी कहानी हमारी मा काफ़ी बार हम सारे भाई बहनो को दोहराती रहती है … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तहु बाँसुरिया बजाओ कन्हाई राधा रानी छेड़त साज़ भगवन महू तोरी प्रीत अपनाई संसार की मोहे कौनू चिंता ना … more →
mehhekk wrote 1 year ago: काहे तूने मटकी तोड़ी वृंदावन में फिर एक नयी सुबह खिली सारी गोपिया पनिया भरन को चली राह भर बतियाती इत … more →
mehhekk wrote 1 year ago: यमुना के तट पर गोपियों का जमघट वस्त्राभूषण रख कर जलक्रीड़ा करती सब. नटखट कान्हा आए छुपता दबे पाव तब … more →
mehhekk wrote 1 year ago: उठो उठो गोपाला पूरब में अरुण रथ आया ,लेकर किरनो का उजाला भोर हुई अब , उठो उठो गोपाला, मेरे नंदलला | … more →
mehhekk wrote 1 year ago: मन मेरा नीत चपल चंचल ईत उत हर पल भटकन तेरे चरण,शरण आई प्रभुजी रखियो मन तेरे जाप मा अटकन बिनती इतनी ल … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हम सब बंधे हुए है एक न दिखाई देनेवाले छोर से हम महसूस करते है,मानते है आत्मा में उनका निवास है सुख ह … more →