Lost your password?

Blogs about: Evening

दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते9 comments

विनय wrote 9 months ago: दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते आँसू बहते हैं इतना छुपाये नहीं छिपते होता है कभी, शाम आती है चाँ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, चाँद, Heart, दिल, शाम, ख़ुदा, Separation, तस्व्वुर, मरासिम

I am sitting beneath the sunset4 comments

विनय wrote 10 months ago: I am sitting beneath the sunset and looking for your love (love) ’cause there’s no reaso … more →

Tags: English songs, Love, eyes, Zephyr, Wish, soul, Moments, Past, Dreams

पूनम थी शाम जिसने देखा मुझे4 comments

विनय wrote 1 year ago: पूनम थी शाम जिसने देखा मुझे मैंने उसकी नज़र को उसने मुझे, और चाँद रातभर रश्क करता रहा! शायिर: विनय प् … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, चाँद, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, पूनम, शाम, नज़र

तन्हाई में भी हम दोनों साथ हैं12 comments

विनय wrote 1 year ago: तन्हाई में भी हम दोनों साथ हैं यूँ लगता है मानो हाथों में हाथ हैं वह पहली शाम जब देखा था तुम्हें मैं … more →

Tags: मेरा गीत, चाँद, इश्क़, Love, time, Reminisce, तन्हाई, प्यार, याद

फिर वही दर्द, वही शाम है14 comments

विनय wrote 1 year ago: फिर वही दर्द, वही शाम है लबों पर फिर तेरा नाम है ज़िन्दा हूँ पर ज़िन्दगी नहीं सीने में साँसों का ताम-झ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ज़िन्दगी, इश्क़, दर्द, Heart, Love, दिल, प्यार, नाम

यह मुनासिब नहीं मैं भुला दूँ तुझको2 comments

विनय wrote 1 year ago: यह मुनासिब नहीं मैं भुला दूँ तुझको तेरे सिवा कुछ होश नहीं है मुझको ना जाने कितने अजनबी गुज़रे हैं मेर … more →

Tags: मेरा गीत, दूर, इश्क़, Heart, Love, eyes, possible, होश, दिल

तू जाके फिर ना आयी5 comments

विनय wrote 1 year ago: तू जाके फिर ना आयी मगर बार-बार आती रही तेरी याद सबने सुनी कहानी मेरी पर ना सुनी गयी मेरी फ़रियाद मैं … more →

Tags: मेरा गीत, Love, प्यार, याद, चेहरा, मोहब्बत, सपने, शाम, Search

तआक़ुब3 comments

विनय wrote 1 year ago: बड़ी उम्मीद से मैं चला था तआक़ुब-ए-इश्क़ पर और दीदार उसका मुझको ही घायल कर गया है अब सुबह का चाँद और श … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, चाँद, उम्मीद, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, सूरज, शाम

वह दिल में एक मस्जिद है3 comments

विनय wrote 1 year ago: वह दिल में एक मस्जिद है जिसमें रोज़ नमाज़ अदा करता हूँ वह मन मन्दिर की देवी है जिसकी साँझ-सवेरे पूजा क … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, god/dess, time, दिल, प्यार, फ़ितरत, मोहब्बत

मैं ज़हर का असर ढूँढ़ता फिरा

विनय wrote 1 year ago: मैं ज़हर का असर ढूँढ़ता फिरा वह शामो-सहर ढूँढ़ता फिरा जिस बाज़ार में ग़म बिकते हों उसे दिनो-दोपहर ढूँढ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, असर, आस, इश्क़, गली, ग़म, ढूँढ़ना, दिन, दिल

नित उड़ता हूँ तेरी कजरारी अँखियों में2 comments

विनय wrote 1 year ago: नित उड़ता हूँ तेरी कजरारी अँखियों में मैं रंग-बिरंगे सपनों की छतरी लेके साँवले का मन लुभाके, बिजली ग … more →

Tags: मेरा गीत, इठलाती, कजरारी, गुलाबी, घूँघट, चुनरिया, छतरी, जिया, द्वार

क्या वह तुम थे

विनय wrote 1 year ago: क्या वह तुम थे जो आँखों को महका गये तमन्ना दबी-सी मेरे दिल में सुलगा गये मैं कितना तन्हा फिर रहा था … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, इश्क़, NEED, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत

यह कैसा लम्हा है3 comments

विनय wrote 1 year ago: यह कैसा लम्हा है यह कैसा एहसास है तू पलकों में क़ैद है दिल के पास है क्या देखूँ तेरे सिवा क्या चाहूँ … more →

Tags: मेरा गीत, ज़िन्दगी, महसूस, इश्क़, दर्द, Heart, Love, Reminisce, Moment

अश्को-अक्स चश्म में नहीं है

विनय wrote 1 year ago: जितनी मै उन आँखों में थी उतनी और कहाँ जितना सुरूर उन आँखों में था उतना और कहाँ रोज़ शाम दरवाज़े पे बैठ … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, eyes, haze, प्यार, दरवाज़ा, मोहब्बत, शाम

तन्हाई यूँ ढूँढ़ती है मुझे2 comments

विनय wrote 1 year ago: तन्हाई यूँ ढूँढ़ती है मुझे जैसे मेरी सदा तुम्हें जो दीवारें ख़ुद-ब-ख़ुद गिरती हैं मैं कैसे चुनावाऊँ … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, ओस, ख़िज़ाँ, ख़ुशरंग, खुष्क, गहने, तन्हाई, दर्द

कभी तुम घर आओ ना

विनय wrote 1 year ago: कभी तुम घर आओ ना नाम से मुझे बुलाओ ना हमें यह वादा दे दो आओ तो फिर जाओ ना अपनी हँसी से यह घर सजा दो … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Heart, Love, light, Flower, मौसम, दिल, प्यार

ना जीने को जी करता है

विनय wrote 1 year ago: ना   जीने   को   जी  करता  है ना   मरने   को  जी करता है तू   नहीं   है   जो   साथ   मेरे साथ रहने क … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, दर्द, Love, light, तन्हाई, प्यार, मोहब्बत, Pain

जब कभी वह शाम 1 comment

विनय wrote 1 year ago: जब कभी वह शाम मुझे याद आयी मेरी जाने-बहाराँ तू बहुत याद आयी माना आज शाम का वह रंग नहीं और मेरी जान त … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, रंग, इश्क़, Heart, Love, जुदा, दिल, प्यार

यह शाम की धूप

विनय wrote 1 year ago: कोई हमसायादार पेड़ नहीं मिला ज़हर मिले तो ज़हर भी खा लूँ यह शाम की धूप बहुत कड़ी है… शायिर: विनय … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, इश्क़, धूप, प्यार, मोहब्बत, शाम, हमसाया, ज़हर, ज़िन्दगी


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS