इन बाजारों के समुद्र में। भीडो के कारवा तैरते हैं। सड़के भौचक्की सी है। चौराहे मिलते बिछुडते हैं। गली गली को ढूढती है। रास्ते गुमराह हो चुके हैं। मंजिल बेघर हुई है। सफर बर्बाद हो चुके है। हादसे जैस… more →
My Weblogtarun04104 wrote 9 months ago: Here it starts and it is not among those things which move towards the end after starting. It will g … more →
bhaavarth wrote 1 year ago: इन बाजारों के समुद्र में। भीडो के कारवा तैरते हैं। सड़के भौचक्की सी है। चौराहे मिलते बिछुडते हैं। … more →