आज हो या कल हो हम आपको ही चाहेंगे कहता है जो कुछ मन उसको ही मानेंगे आज हो या कल हो हम आपको ही चाहेंगे चाहे दो कोई भी सज़ा हम आपके ही रहेंगे चाहे हो कोई ख़फ़ा हम आपको अपना मानेंगे यह दूरियाँ अपने दिलों क… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: आज हो या कल हो हम आपको ही चाहेंगे कहता है जो कुछ मन उसको ही मानेंगे आज हो या कल हो हम आपको ही चाहेंग … more →
विनय wrote 1 year ago: इस पल से उस पल तक तुमको ही चाहेंगे कहता है जो कुछ दिल उसको ही मानेंगे इस पल से उस पल तक तुमको ही चाह … more →
विनय wrote 1 year ago: मेरा माहताब जिसे देखा दिल हुआ बेताब मेरा मेरा मेरा मेरा माहताब जिसे देखा दिल हुआ बेताब जिसे देखा दिल … more →