१.समाज में लोकप्रियता प्राप्त करने के लिए सबसे पहले दूसरों की निंदा में लगी हुये वाणी पर रोक लगाओ। परनिन्दा में रस लेना दुष्ट लोगों के प्रवृति है । वाणी पर संयम तपस्या है। निंदा न करके दूसरों की प्रशं… more →
***दीपक भारतदीप की हिंदी पत्रिका*** ***Deepak Bharatdeep ki Hindi patrika***दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.कछुए के समान अंग संकोचकर शत्रु का प्रहार भी सहन करे और बुद्धिमान फिर समय देखकर क्रूर सर्प के समा … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.दान से दरिद्रता का, सदाचार से दुर्गति का, सदबुद्धि से अज्ञान और सदभावना से भय का नाश होता है. इसस … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: 1.मन की शुद्ध भावना से यदि लकड़ी, पत्थर या किसी धातु से बनी मूर्ति की पूजा की जायेगी तो सब में … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: 1.मन की शुद्ध भावना से यदि लकड़ी, पत्थर या किसी धातु से बनी मूर्ति की पूजा की जायेगी तो सब मे … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.इस संसार में अधम व्यक्ति धन को ही महत्व देते हैं. उन्हें बस किसी भी प्रकार से धन मिलना चाहिए और एक … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.किसी भी व्यक्ति का जहाँ सम्मान न हो उसे त्याग देना चाहिए. क्योंकि बिना सम्मान के मनुष्य जीवन जीने … more →