तुम ने बदले हम से गिन गिन के लिए, हमने क्या चाह था इस दिन के लिए, वस्ल का दिन और इतना मुख्तसर, दिन गिने जाते थे इस दिन के लिए, वोह नहीं सुनते हमारी क्या करें, मांगते हैं हम दुआ जिन के लिए, चाहने वालों… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामविनय wrote 7 months ago: रोज़ ही होता है होंठों तक बात आते-आते रह जाती है मेरी इक कमी तेरे रू-ब-रू मुझे लब खोलने नहीं देती कित … more →
विनय wrote 1 year ago: जिगर को चाक करना चाहता हूँ साँसों में दर्द भरना चाहता हूँ गीली आँखों में सच्चे अफ़साने ऐसे जीवन से डर … more →
विनय wrote 1 year ago: इस जानिब य उस जानिब कौन ‘नज़र’ है कौन ‘ग़ालिब’ एक बला है दर्दे-निहाँ कौन बुरा … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: Lyrics: http://jagjitsingh.wordpress.com/ … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: तुम ने बदले हम से गिन गिन के लिए, हमने क्या चाह था इस दिन के लिए, वस्ल का दिन और इतना मुख्तसर, दिन ग … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: जीते रहने की सज़ा दे जिन्दगी ऐ जिन्दगी, अब तो मरने की दुआ दे जिन्दगी ऐ जिन्दगी, मैं तो अब उकता गया ह … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: जिन्दगी तुने लहू ले के दिया कुछ भी नहीं, तेरे दामन मैं मेरे वास्ते क्या कुछ भी नहीं, मेरे इन हाथों क … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: सच्ची बात कही थी मैंने, लोगों ने सूली पे चढाया, मुझ को ज़हर का जम पिलाया, फिर भी उन को चैन न आया, सच् … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: बे सबब बात बढ़ाने की ज़रूरत क्या है, हम खफा कब थे मनाने की ज़रूरत क्या है, आप के दम से तो दुनिया का भरम … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: शेख़ जी थोड़ी सी पी कर आइये, मए है क्या सही फिर हमें बतलाइए, आप क्यों हैं सारी दुनिया से जुदा, आप भी … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: कोई मौसम ऐसा आए, उस को अपने साथ जो लाये, लोगों से तारीफ सुनी है, उस से मिल कर देखा जाए, आज भी दिल पर … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: दैरो हरम मैं बसने वालो, मए खानों में फुट न डालो, तूफान से हम टकराएँगे, तुम अपनी कश्ती को संभालो, मएख … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है नये परिन्दों को उड़ने में वक़्त तो लगता है। जिस्म की बा … more →