चराग-ए-इश्क, जलाने की रात आयी है, किसी को अपना बनाने की रात आयी है, वो आज आये है महफ़िल में चांदनी लेकर, के रोशनी में नहाने की रात आयी है, फ़लक का चांद भी शर्मा के मुँह छुपायेगा, नकाब रुख से उठा ने की र… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: चराग-ए-इश्क, जलाने की रात आयी है, किसी को अपना बनाने की रात आयी है, वो आज आये है महफ़िल में चांदनी ले … more →