Lost your password?

Blogs about: Fate

Featured Blog

Palmistry science31 comments

Ami Jha wrote 1 year ago: Well today about my long time favourite subject  Palmistry As palmitry science was come to know to t … more →

Tags: Learning N Sharing, Palmistry Science, Astrology, fate line, hand reading, Life Line, lines on hand, mounts on hand, Palm Reading

वज़नी साँसों में पिस रहा है दिन सारा3 comments

विनय wrote 1 year ago: वज़नी साँसों में पिस रहा है दिन सारा मुझे आज भी है इन्तिज़ार तुम्हारा नम है नफ़स-नफ़स मेरे सीने में क्यो … more →

Tags: मेरा गीत, ज़िन्दगी, इश्क़, Love, Moment, प्यार, क़िस्मत, मोहब्बत, साँस

ज़ख़्मे-जिगर भर आये, कहाँ हो तुम?

विनय wrote 1 year ago: ज़ख़्मे-जिगर भर आये, कहाँ हो तुम? बदरा सावन बुलाये, कहाँ हो तुम? अपने हश्र तक पहुँचा ‘नज़र … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, Heart, Love, सावन, प्यार, मोहब्बत, नज़र, death

तुम जो देखते हो

विनय wrote 1 year ago: तुम जो देखते हो मैं भी जानता हूँ यह सब हुनर मैं भी जानता हूँ यह ख़ाब कच्चे तागे-सा है मगर सुबह टूट ज … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, इश्क़, Love, आइना, प्यार, मोहब्बत, दुनिया, सबब

एक मैं ही था शहंशाह सारे जहाँ का

विनय wrote 1 year ago: एक मैं ही था शहंशाह सारे जहाँ का जब तलक साया था सर पे हुमा का मेरी शिकस्त ही तक़दीर हुई मेरी जब जाना … more →

Tags: रुबाइयाँ, Destiny, Defeat, Shadow, जहाँ, साया, हुमा, King, Human

तेरी तस्वीर से बातें करता2 comments

विनय wrote 1 year ago: तेरी तस्वीर से बातें करता रोज़ मैं पास मेरे जो तेरी कोई तस्वीर होती तुम्हें प्यार बेइंतिहाँ प्यार करत … more →

Tags: मेरा गीत, चाह, इश्क़, Heart, Love, जुदा, दिल, प्यार, क़िस्मत

वह मौसम इक बार 2 comments

विनय wrote 1 year ago: वह मौसम इक बार फिर सजा दे प्यार करने की मुझको सज़ा दे दीवानों की तरह तुझको देखे जाऊँ हाथों की लकीरों … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Heart, Love, possible, जुदा, मौसम, दिल, प्यार

मौत और मेरे दर्मियान

विनय wrote 1 year ago: ज़िन्दगी… एक हीरे की अंगूठी है न उंगली में पहन सकूँ न ज़ुबाँ से चाट सकूँ मौत और मेरे दर्मियान बस … more →

Tags: मेरी नज़्म, ज़िन्दगी, death, Life, मौत, अंगूठी, हीरा, ring, diamond

तुम मेरे हो

विनय wrote 1 year ago: तुम मेरे हो तुम मेरे हो तुम मेरे हो दिल की सदा साँसों के सिलसिले कहते हैं तुम मेरे हो तुम मेरे हो यह … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, eyes, प्यार, मोहब्बत, तूफ़ान, दीवाना, साँस

रोते हैं सब से छिपकर 2 comments

विनय wrote 1 year ago: जब-जब सनम तेरी यादें आती हैं कैसे कहें कितना तन्हा कर जाती हैं रोते हैं सब से छिपकर अँधेरों में ख़ुद … more →

Tags: मेरा गीत, Love, light, दिल, ख़ुशबू, फ़िज़ा, तूफ़ान, धड़कन, सपना

कोई आया है जाने के बाद कब्र पर

विनय wrote 1 year ago: कोई आया है जाने के बाद क़ब्र पर वह गया है दो गुल मुझे नज़्र कर कोई तूफ़ाँ उठा था जो मिट गया है दे गया ह … more →

Tags: मेरा गीत, ज़िन्दगी, इश्क़, नक़ाब, Love, Frozen, तन्हाई, प्यार, मोहब्बत

रोशनी से दीवारों के साये1 comment

विनय wrote 1 year ago: रोशनी से दीवारों के साये मिटायेंगे ढूँढ़कर वह सब लायेंगे, ढूँढ़ लेंगे जो क़िस्मत की लकीरों में बँधा ह … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, Love, light, प्यार, क़िस्मत, रोशनी, साये, मुक़ाम

राहें क्या-क्या न आयेंगी इस दौरे-बदनामी में

विनय wrote 1 year ago: राहें क्या-क्या न आयेंगी इस दौरे-बदनामी में है अपना ही मज़ा घुटके मरने का ग़ुमनामी में मुझको गले से लग … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, दर्द, Love, time, प्यार, मोहब्बत, Pain, राहें

तू संग न होगा

विनय wrote 1 year ago: तू कर यह वादा भी मेरे अल्लाह तू संग न होगा तू है भी अगर किसी बुते-संग में तू संग न होगा तेरी मर्ज़ी स … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, प्यार, क़िस्मत, मुक़ाम, मोहब्बत, वफ़ा, तन्हा

और कैसे रक़ीब के यार हमसे पेश आते

विनय wrote 1 year ago: और कैसे रक़ीब के यार हमसे पेश आते वह हमसे अय्यारी नहीं तो और क्या फ़रमाते हमारी क़िस्मत में जीते-जी फ़ना … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ज़िन्दगी, इश्क़, दोस्त, रक़ीब, Heart, Love, दिल, प्यार

दिल के दाग़ सभी ज़ख़्म हुए1 comment

विनय wrote 2 years ago: दिल के दाग़ सभी ज़ख़्म हुए वह ख़फ़ा हुआ हम ख़त्म हुए कोसूँ क्या अपनी क़िस्मत को हमें भी कुछ नये इल्म हुए … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, इश्क़, Love, Blame, सावन, प्यार, क़िस्मत, मोहब्बत

तख़लीक़ हुआ है [ver. 2.0]

विनय wrote 2 years ago: मेरे ही हाथों में टूटा है दम मेरा तेरे ही स्पर्श से तख़लीक़ हुआ है यह ‘विनय’… नया जन्म हुआ है त … more →

Tags: मेरी नज़्म, इश्क़, तख़लीक़, Love, प्यार, क़िस्मत, मोहब्बत, Destiny, feeling

तख़लीक़ हुआ है यह विनय

विनय wrote 2 years ago: मेरे ही हाथों में टूटा है दम मेरा, तेरे ही स्पर्श से तख़लीक़ हुआ है यह ‘विनय’ अभी-अभी मेर … more →

Tags: मेरी नज़्म, हासिल, इश्क़, तख़लीक़, Love, प्यार, क़िस्मत, मुक़ाम, मोहब्बत


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS