Blogs about: Fate
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राहे-इश्क़ में मुश्किल ही सही पार उतरना
राहे-इश्क़ में मुश्किल ही सही पार उतरना मगर हम शोलों पर भी चलकर जायेंगे हमें त… more »
तख़लीक़-ए-नज़र
Palmistry science
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Ami Jha wrote 1 week ago: Well today about my long time favourite subject Palmistry As palmitry science was come to know t … more »
राहे-इश्क़ में मुश्किल ही सही पार उतरना
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: राहे-इश्क़ में मुश्किल ही सही पार उतरना … more »
आहिस्ता-आहिस्ता नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: आहिस्ता-आहिस्ता नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं … more »
वज़नी साँसों में पिस रहा है दिन सारा
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: वज़नी साँसों में पिस रहा है दिन सारा मु … more »
ज़ख़्मे-जिगर भर आये, कहाँ हो तुम?
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: ज़ख़्मे-जिगर भर आये, कहाँ हो तुम? बदरा सा … more »
इक दिन तू चली जायेगी
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मेरी जान न कर मुझसे मोहब्बत इतनी कि इक … more »
यह रात पहाड़ जैसी है कैसे काटे कोई
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: यह रात पहाड़ जैसी है कैसे काटे कोई यह फ़ … more »
फ़िराक़ को अजल विसाल को जीवन जाना
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: फ़िराक़ को अजल विसाल को जीवन जाना यह कि झ … more »
तुम जो देखते हो
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: तुम जो देखते हो मैं भी जानता हूँ यह सब ह … more »
एक तसल्ली
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: एक तसल्ली मेरे पाँव के नीचे से गुज़रती … more »
उफ़! यह मोहब्बत
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: “उफ़! यह मोहब्बत भी क्या चीज़ है कभी बोझ … more »
एक मैं ही था शहंशाह सारे जहाँ का
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: एक मैं ही था शहंशाह सारे जहाँ का जब तलक … more »
तेरी तस्वीर से बातें करता
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: तेरी तस्वीर से बातें करता रोज़ मैं पास … more »
मैं हूँ चाँद है तुम भी होगी कहीं
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मैं हूँ, चाँद है, तुम भी होगी कहीं मैं द … more »
वह मौसम इक बार
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: वह मौसम इक बार फिर सजा दे प्यार करने की … more »
मौत और मेरे दर्मियान
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: ज़िन्दगी… एक हीरे की अंगूठी है न उंगल … more »
मेरी मोहब्बत है तू कहाँ
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मेरी मोहब्बत, है तू कहाँ, तू कहाँ है जिस … more »
तुम मेरे हो
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: तुम मेरे हो तुम मेरे हो तुम मेरे हो दिल … more »
रोते हैं सब से छिपकर
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विनय प्रजापति wrote 3 months ago: जब-जब सनम तेरी यादें आती हैं कैसे कहें … more »
