A husband and wife came for counseling after 20 years of marriage. When asked what the problem was, the wife went into a passionate, painful tirade listing every problem they had ever had in the 20 ye… more →
Parashurama: The Great Warrior ...Praful wrote 2 months ago: A husband and wife came for counseling after 20 years of marriage. When asked what the problem was, … more →
विनय wrote 5 months ago: How far we are How close we would be Eyes are filled with mist How clear could be Drizzle is damping … more →
विनय wrote 6 months ago: जो लोग अच्छे होते हैं दिखते नहीं हैं चाहने वाले बाज़ार में बिकते नहीं हैं ख़ुद से पराया ग़ैरों से अपन … more →
विनय wrote 1 year ago: मैं सबसे बुरा था सबसे बुरा हूँ सबसे बुरा ही रहूँगा मैं जी रहा था जी रहा हूँ ऐसे ही जीता रहूँगा उसने … more →
विनय wrote 1 year ago: यह कैसा लम्हा है यह कैसा एहसास है तू पलकों में क़ैद है दिल के पास है क्या देखूँ तेरे सिवा क्या चाहूँ … more →
विनय wrote 1 year ago: रक़ाबी चाँद जला दो यह रात चाँदनी हो जाये कभी तो पास बुला लो तेरी नज़दीकियों का मुझे एहसास हो जाये गुला … more →
विनय wrote 1 year ago: जानते हैं दर्द बुझते हुए चाँद का जब बढ़ते आते हैं सुबह के क़दम जुस्त-जू की छाया खो जाती है कहीं चाँद … more →
विनय wrote 1 year ago: मेरी बाइसे-ज़ीस्त, तुमको इक नज़र देखने के बाद मैं क्यों मुदाम तुम्हारी जानिब खिंचता रहता हूँ? क्यों इक … more →
विनय wrote 1 year ago: मेरे दिलसिताँ, तुम्हें देखकर मुझे पहली बार यूँ लगा था कि मेरी ज़िन्दगी मेरे सामने खड़ी है| मेरे बदन म … more →
विनय wrote 1 year ago: खिले इस तरह तेरे रंग और रूप जैसे सर्दियों की भीनी-भीनी धूप अब यह आलम है दिलो-ज़हन का करता हूँ हर शै म … more →
विनय wrote 1 year ago: You always compared and found me better Like all other, this truth is bitter I know you are envious … more →
विनय wrote 1 year ago: मेरे ही हाथों में टूटा है दम मेरा तेरे ही स्पर्श से तख़लीक़ हुआ है यह ‘विनय’… नया जन्म हुआ है … more →
विनय wrote 1 year ago: रूह बहुत बेक़रार’ बहुत बेकल है इस जिस्म से छुटकारा चाहती है अगर तुम न मिली मुझको… यह बेक़र … more →
विनय wrote 1 year ago: तुम्हें महसूस हो कि ना हो मेरे सीने में दर्द है तो सही… लम्हा-लम्हा जज़्बात पिघलते हैं ग़म की चि … more →