Blogs about: Final Destination
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तुम मेरे हो
तुम मेरे हो, मेरे ही मेरे हो कितनी हों दूरियाँ, कितने हों फ़ासले तुम मेरे हो, तु… more »
तख़लीक़-ए-नज़र
तुम मेरे हो
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: तुम मेरे हो, मेरे ही मेरे हो कितनी हों द … more »
तुम्हारी ख़ुशबू से महक उठा है मन
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: तुम्हारी ख़ुशबू से महक उठा है मन तुम्ह … more »
ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ गया
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ ग … more »
पहली नज़र का पहला प्यार
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: पहली नज़र का पहला प्यार कर गया दीवाना म … more »
ख़ामोशी ही ख़ामोशी है
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: ख़ामोशी ही ख़ामोशी है अंधेरी रातों मे … more »
जब प्यार किसी से होता है
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: एक ख़ुशबू जाने कहाँ से आयी है कुछ दिनो … more »
सफ़र बहुत तवील है
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विनय प्रजापति wrote 3 months ago: बहारों का मौसम शाख़ों पर खिलने लगा है … more »
रोशनी से दीवारों के साये
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विनय प्रजापति wrote 3 months ago: रोशनी से दीवारों के साये मिटायेंगे ढू … more »
मैं मंज़िल से दूर सही
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: मैं मंज़िल से दूर सही ख़ाबों का एक घरौं … more »
मेरा दर्द मेरा दु:ख मेरा अपना है
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: मेरा दर्द मेरा दु:ख मेरा अपना … more »
बेवफ़ा कहकर तुझको कोई इल्ज़ाम न दूँगा
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: बेवफ़ा कहकर तुझको कोई इल्ज़ाम न दूँगा अप … more »
तू संग न होगा
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: तू कर यह वादा भी मेरे अल्लाह तू संग न हो … more »
तेरे चेहरे पर अपनी नज़र ढूँढ़ते हैं
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: हर गली हर कूचा दर-ब-दर ढूँढ़ते हैं हम अप … more »
अब 'विनय' तेरे ग़म से ग़ाफ़िल नहीं रहा
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: अब ‘विनय’ तेरे ग़म से ग़ाफ़िल नहीं रहा दे … more »
तख़लीक़ हुआ है यह विनय
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: मेरे ही हाथों में टूटा है दम मेरा तेरे … more »
