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Blogs about: Fire

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ये आग कब बुझेगी ? (व्यंग्य/कार्टून)5 comments

K M Mishra wrote 3 weeks ago: पिछले 36 घंटे से जयपुर के सीतापुर इलाके में इंडियन आयल के डिपो में अग्निदेव ने अपनी क्रोधाग्नि प्रज् … more →

Tags: हिन्दी हास्य व्यंग्, अग्निकाण्ड, कार्टून, केन्द्रीय मंत्री श्, दुर्घटना, भ्रष्टाचार, Cartoon, Comedy, hasya

तेरे रेशमी बदन से4 comments

विनय wrote 1 year ago: तेरे रेशमी बदन से सरकता है यह दुप्पटा हज़ारों आहें लहू में डूबकर आग बन जाती हैं ज़ालिम तेरे तआक़ुब की य … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, अदा, आग, आह, तआक़ुब, दुप्पटा, बदन, रेशमी, हज़ार

हमने तुमको तुमसे चुराया2 comments

विनय wrote 1 year ago: हमने तुमको तुमसे चुराया दिल में अपने तुमको बसाया तुम भी दीवाने हो गये हो दूर जो ख़ुद से हो गये हो आओ … more →

Tags: मेरा गीत, Arms, इश्क़, ख़ाहिश, जानम, दिल, दीवाने, दूर, धोखा

तुमसे कुछ कहना है

विनय wrote 1 year ago: सुनो ज़रा दिल का तुमसे कुछ कहना है तुम्हारे जैसी लड़की से प्यार करना है हाँ कर दो, तुम मुझसे प्यार कर … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, नशा, हसीना

अंधी ख़ला में

विनय wrote 1 year ago: हमने तो कभी दिल की अंधी ख़ला में किसी चाँद को रोशन होते नहीं देखा शायद आतिशी इंतकाल था सितारे का शाय … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, चाँद, आतिश, सितारे, death, dark, Stars, अंधी, ख़ला

हम भी पागल थे ग़ैरों को अपना जानते थे1 comment

विनय wrote 1 year ago: हम भी पागल थे ग़ैरों को अपना जानते थे रुसवा किये जायेंगे इस क़दर यह न जानते थे बेवफ़ा गर वह होता दर्द श … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, Blame, Frozen, प्यार, मोहब्बत, Friendship, वफ़ा

रोज़े-शामे-दीवाली कोई नूरे-चराग़ नहीं

विनय wrote 1 year ago: रोज़े – शामे – दीवाली   कोई   नूरे – चराग़  नहीं चौखट   सूनी   दिल   वीराँ   तन्हा - … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, चाँद, इश्क़, आतिश, Heart, Love, Flower, प्यार, मोहब्बत

क़लक़ इक हनोज़ है दिल में

विनय wrote 1 year ago: आतिशे-दोज़ख़ का सोज़ है दिल में आहो-फ़ुगाँ खा़मोश है दिल में मैं दीदारे-दिलनशीं को बेताब हूँ क़लक़ इक हनो … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, क़लक़, आतिश, दोज़ख़, सोज़, खा़मोश, दिलनशीं, बेताब

जी मेरा सीने में कुछ सिमटता है

विनय wrote 1 year ago: जी मेरा सीने में कुछ सिमटता है एक नया सवाल-सा उठता है हमें ख़ुद रंज आप-से आता है क्यों सुकूँ दम-ब-दम … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, किताब, दिल, नब्ज़, प्यार, मोहब्बत, रंज, लम्हा

अगर आँख रोये

विनय wrote 1 year ago: अगर आँख रोये और दिल सिसकियाँ भरे तो भला बोलो आशिक़ ऐसे में क्या करे इक वो दिन था इक ये आज का दिन है म … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, eyes, Curse, ख़ुदा, मर्ज़ी, आशिक़, ख़ुश

ख़ुदाया कभी करम मुझ पर भी

विनय wrote 1 year ago: ख़ुदाया1 कभी करम मुझ पर भी सुम्बुल2 की थोड़ी मेहर इधर भी प्यार क्या है नहीं जानता मैं मगर सिखा दे मु … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, चाँद, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, ख़बर, ख़ुदा

'विनय' इक आईना है टूटा हुआ

विनय wrote 2 years ago: क्यों खेलते हो? जल जाओगे! इक आग है ‘विनय’ तरक़ीब पे तरक़ीब खेलते हो कुछ और है ‘विनय … more →

Tags: मेरी नज़्म, दर्द, क़रीब, Frozen, मौसम, Pain, घर, आग, विनय

'विनय' हूँ मैं

विनय wrote 2 years ago: मैं वो आग हूँ जो लग जाऊँ तो जंगल का तिनका-तिनका जला दूँ फैल जाऊँ चंद लम्हों में कुछ इस तरह जैसे आग क … more →

Tags: मेरी नज़्म, Moment, तूफ़ान, आग, विनय, लम्हा, thunder, whirl, तिनका


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