जब साँसों में समायी नयी सुगन्ध जब मिले पत्तों को लाल-हरे रंग जब आया जीवन में मेरे बसंत जब तन-मन में खिली नयी उमंग जब सूखी शाखों पर खिले फूल वह है मेरे जीवन की पहली धूम… जब मैंने सीखा जीने का सही… more →
तख़लीक़-ए-नज़रmehhekk wrote 1 year ago: पहला प्यार जब भी देखूं तुम्हारी आँखों में याद आते हैं वो गुजरे गुलाबी लम्हें पहला प्यार जो हमार … more →
विनय wrote 1 year ago: जब साँसों में समायी नयी सुगन्ध जब मिले पत्तों को लाल-हरे रंग जब आया जीवन में मेरे बसंत जब तन-मन में … more →