मन पखेरू उड़ जा मन पखेरू उड़ जा लै आ कोई संदेस बरस पर बरस बीत रहे पिया भए परदेस | मिलते ही उनसे ये कहना तुझ बिन मुश्किल है अब रहना दिल रे , तू धर ले उनकी धड़कन का भेस मन पखेरू उड़ जा लै आ कोई संदेस |… more →
mehekविनय wrote 11 months ago: What I am what I wanna be Shame shame a big shame on me What I am what I wanna be There’s no l … more →
mehhekk wrote 1 year ago: मन पखेरू उड़ जा मन पखेरू उड़ जा लै आ कोई संदेस बरस पर बरस बीत रहे पिया भए परदेस | मिलते ही उनसे ये क … more →