तुम हमारे नही तो क्या गम है, हम तुम्हारे तो है यह क्या कम है, हुस्न की शोखिया ज़रा देखो, गाहे शोला है गाहे शबनम है, मुस्कुरा दो ज़रा खुदा के लिए, शम-ऐ-मफिल में रौशनी कम है, बन गया है यह ज़िंदगी अब तो, … more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: तुम हमारे नही तो क्या गम है, हम तुम्हारे तो है यह क्या कम है, हुस्न की शोखिया ज़रा देखो, गाहे शोला ह … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: फूल भरे है दामन दामन, लेकिन वीरान गुलशन गुलशन, अक्ल की बातें करने वाले, क्या समझेगे दिल की धड़कन, कौ … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: आखो से यूं आंसू ढलके, सागर से जैसे मए छलके हम समझे मफ्हुम-ऐ-भरा, कोई आया भेष बदल के, काश बता सकते पर … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: उठा सुराही ले शीशा-ओ-जाम साकी, फिर इसके बाद खुदा का भी नाम ले साकी, फिर इसके बाद हमे तिशनगी रहे न रह … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: हुस्न वालो का ऐतराम करो, कुछ तो दुनिया मे नेक काम करो, शेख जी आये है बव्जू होकर, अब तो पीने का इन्ते … more →