अपने साफ्टवेयर की सहायता से वर्डप्रेस की पांच श्रेणियों को अपने यहां खिसकाकर ले जाने वाला ब्लाग परिदृश्य गायब हुआ तो दूसरा छठी श्रेणी से यही काम करते हुए प्रकट हो गया। 20 जुलाई को उसने इस लेख… more →
****दीपकबापू कहिन**** ****Deepak Bharatdeep's hindi patrika****दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: प्रेमी अपनी प्रेमिका का हाथ माँगने उसकी माँ के पास पहुँचा तब वह गुस्से में बोली ‘तुम्हारे प … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पहले छोड़ते साँप और फिर पकड़ने के लिये करते दिखते बहुत मशक़्क़त सहज काम ऐसे करते जैसे आ रही भा … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: तुम अपने हृदय में घूमते हुए विचारों और मस्तिष्क में चिन्त्तन और मनन से उपजे शब्दों को लिखना कोई … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: उस आदमी ने मशहूर लेखक पर अनेक पत्थर फैंके हर बार यही कहता कि ‘यह तेरे उन शब्दों का बदला है … more →
दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: अपने साफ्टवेयर की सहायता से वर्डप्रेस की पांच श्रेणियों को अपने यहां खिसकाकर ले जाने वाला ब् … more →
दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: आज मैं एक ब्लाग लेखक का ब्लाग पड़ रहा था जिसमें ब्लाग चोरों के साथ कुछ सहानुभुति दिखाने का आग्रह था। … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हिंदी में ब्लाग लेखन एक ऐसी विद्या बनने जा रहा है जिस पर सबकी दृष्टि है। मुझे तो कभी कभी लगता है कि … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कार्ल मार्क्स ने कहा था कि इस दुनियां को सबसे बड़ा सच रोटी है। आर्थिक ढंग से सोचने वालो ने उनकी इस ख … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: औरत पर अनाचार का प्रश्न उठता है कई बार अभी तक अनुत्तरित है एक प्रश्न कौन करता है उस पर वार दुनियां म … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १।किसी भी कार्य करने से पहले यह देखना चाहिए की उसका प्रतिफल क्या मिलेगा? यदि प्राप्त लाभ से अधिक परि … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: चाह गयी चिंता मिटी, मनुआ बेपरवाह जिनको कछु न चाहिए। वे साहन के साह कविवर रहीम का कहना है कि इस संस … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: शादी में शराब पीकर नृत्य करते हुए ऊपर गालिया दागते हुए लोग बन्दर जैसे नजर आते और बन्दर कहो तो चिढ जा … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.।इस संसार में कुछ प्राणियों के किसी विशेष अंग में विष होता है-जैसे सर्प के दांतों में मक्खी के म … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: गरीब किसान अपने खेत में हल जोत रहा था. उसी समय एक खूबसूरत चेहरे वाला सूट-बूट पहने एक शख्स उसके सामन … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आँख के अंधे अगर हाथी को पकड कर उसके अंगों को पकड लें अपने बुद्धि के अनुसार उसके अंगों का बयान कुछ का … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आज मेरे इस तीसरे ब्लोग ने भी १० हजार पाठक (व्युज ) संख्या को पार कर लिया. यह मेरा पहला ब्लोग था … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: 1.मन की शुद्ध भावना से यदि लकड़ी, पत्थर या किसी धातु से बनी मूर्ति की पूजा की जायेगी तो सब मे … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आज एक चैनल पर विभिन्न मनोरंजक चैनलों पर संगीत कार्यक्रमों में नृत्य और संगीत की प्रतियोगिताओ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: स्वारथ सूका लाकडा, छाँह बिहूना सूल पीपल परमारथ भजो, सुख सागर को मूल संत शिरोमणि कबीरदास कहते हैं क … more →