Blogs about: Friednds
अंधेरे मे तीर चलाना ही उनका काम है-चार क्षणिकाएं
दीपक भारतदीप wrote 1 day ago: हादसों की खबर से अब शहर सिहरता नहीं अप … more »
जब लोग अपने दिल की बात लिख देते हैं-आलेख
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दीपक भारतदीप wrote 2 days ago: कल मीनाक्षी ने मुझे हतप्रभ कर दिया क् … more »
अनुवाद टूल से सभी भाषाओं के लेखक करीब आयेंगे-आलेख
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: मैंने कुछ अंग्रेजी ब्लाग के पाठों को ह … more »
मै अखबार आज भी क्यों पढ़ता हूं-हास्य व्यंग्य
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: मैने अखबार पढ़ना बचपन से ही शुर … more »
क्या क्रिकेट की पुनःप्रतिष्ठा इंटरनेट के लिये चुनौती है?
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: मुझे याद है जब पिछली बार मैं ब्लाग बना … more »
श्रृंगार रस में आधुनिक कवितायें-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: आया एक आशिक का ईमेल लिख था उसमें ‘‘दीप … more »
शेर के इंतजार में उम्र न निकल जाये-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: पार्क में घूमती हुई लड़कियों को उस लड़ … more »
छद्म ब्लाग ने सास से बचाया-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: अंतर्जाल पर बहू ने अपना एक ब्लाग बनाया … more »
सत्य से पीछा छुड़ाकर कहां जायें-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: लाया फंदेबाज कई तस्वीरें और दिखाते हु … more »
विदुर नीति:शरीर रथ, इन्द्रियां घोडे और बुद्धि होती है सारथि
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: 1. मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथि और … more »
समूह और वर्ग होते हैं भ्रम का प्रतीक
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: समाज को बांटकर विकास … more »
जिंदगी के आसरे-कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: जिंदगी के सफर में कभी जाने तो कभी अनजा … more »
प्रतिबंध के बाद लगाये शोएब अख्तर ने फिक्सिंग के आरोप
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: शोएब अख्तर पर अनुशासनहीनता के आरोप मे … more »
पेट में खाया कौन देखता है-आलेख
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: समाज के नाम पर सभी पुरानें रीतिरिव … more »
यूनिकोड से कृतिदेव की तरफ जाते हुए-आलेख
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अब मैं कैसे लिख रहा हूं या पहले कैसे लि … more »
नाम, छद्मनाम और अनाम (२)
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अंतर्जाल पर अनाम और छद्मनाम वाले लोगो … more »
ब्लोग पर कमेन्ट को ही गुलाल और पकवान समझना-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अंतर्जाल पर अपनी प्रेमिका को लुभाने क … more »
संत कबीर वाणी:सेवा के बदले दाम मांगे वह सेवक नहीं
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: फल कारण सेवा करे, करे न मन से काम कहैं क … more »
खुद ही बहकते हैं लोग-हिन्दी शायरी
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: अपने लिखने से मैं दुनिया बदल सकता तो ऐ … more »
