सहर-ब-सहर1 मैं ढूँढ़ता रहा शुआएँ2 कहाँ छिप गयीं नूर-सी रोशन निगाहें न कोई घर रहा मेरा न कोई ठिकाना मेरी मंज़िल तो बन गयीं अब ये राहें है जो दर्द सो अब तन्हाई से है मुझे असरकार हों, कुछ काम आयें दुआएँ3 … more →
तख़लीक़-ए-नज़रhemjyotsana "Deep" wrote 3 weeks ago: रंग महौब्बत का है ताउम्र चमकता रहता है । इस नगरी में जादु है गुलाल बरसता रहता है । क्या तुम से म … more →
विनय wrote 3 months ago: सहर-ब-सहर1 मैं ढूँढ़ता रहा शुआएँ2 कहाँ छिप गयीं नूर-सी रोशन निगाहें न कोई घर रहा मेरा न कोई ठिकाना म … more →
विनय wrote 4 months ago: तेरी तीरे-नज़र किस अदा से यार उठती है रह-रहकर रुक-रुककर बार-बार उठती है हम बीमारि-ए-इश्क़ के मारे हुए … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 4 months ago: मेरे ज़िन्दगी के सफर में तुम मेरी चाह है हमसफ़र बनो यही ख्वाब है मेरा एक हर नजारा तुम हर नजर बनो | जह … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 4 months ago: जिंदगी कई बार हमें अंधेरे में लाके छोड़ देती है | दर्द में बेहाल बेबस छोड़ देती है ना मैं नज़र आ … more →
विनय wrote 5 months ago: उसने हमसे कभी वफ़ा न की और हमने भी तमन्ना न की बहुत बोलते हैं सब ने कहा सो आदत-ए-कमनुमा न की बहुत आये … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 5 months ago: कल याद मेरी उसे रुला आई है । कल बात मेरी बिगड़ती बना आई है । कल शाम सुबह सा मन्ज़र कर , कल रात मेरी पत … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 5 months ago: गम कभी दिल के मेहमान नहीं होते , दोस्त कभी दिल से जुदा नहीं होते । हद नहीं होती किसी प्यार के पैमाने … more →
विनय wrote 5 months ago: Go go where you wanna go And say no every time no Go go where you wanna go To break heart there … more →
विनय wrote 5 months ago: झोंके हवा के उसका रूख़सार चूमते हैं फूल उसकी आँखों को देख यार झूमते हैं तेरे हुस्नो-शबाब के बारे क्य … more →
Praful wrote 6 months ago: May this new year bring many opportunities your way to explore every joy of life With all the Rose … more →
Praful wrote 6 months ago: May this new year bring many opportunities your way to explore every joy of life With all the Rose … more →
विनय wrote 6 months ago: जो लोग अच्छे होते हैं दिखते नहीं हैं चाहने वाले बाज़ार में बिकते नहीं हैं ख़ुद से पराया ग़ैरों से अपन … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 6 months ago: एक गीत - माना है मुश्किल बहुत ये मेरी ड़गर , फ़िर भी चलना है चलना है , चलना मगर , हो पास कोई या ना भी … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 7 months ago: ख्वाब के बिखरे तिनके जख्म जब दे रहे थे , तुम ही थे एक बस , जो साथ मेरा दे रहे थे । दुर तक जब देर तक … more →
विनय wrote 7 months ago: सहने दे ग़म थोड़ा – थोड़ा जो तुमने रुख़ मोड़ा-मोड़ा जान यह जाने दे ज़रा-ज़रा रहने दे आँखों को भर … more →
विनय wrote 8 months ago: हम सब के सच्चे दोस्त हैं हर दिल की बात समझते हैं उसकी ख़ुशी को हम अपने ख़ुशी के आँसुओं में रखते हैं … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: किस्से कहें और क्या कहें सुनते सभी हैं पर गुनते नजर नहीं आते कान से सुनते सभी हैं पर मन के बहरे सभी … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: जिस तरह बुद्धिमान लोग करे रहे हैं अगडम-बगडम बातें उससे तो लगता है कि बंधुआ मजदूरों का युग गया तो बंध … more →