बिटिया बड़ी हो रही है. अब वो पीं पीं करने वाले खिलौनों से नहीं खेलती. अब उसे चाहिए नए कपडे, गहने और गुडिया. कल ही की बात है कि हथेलियों में समा जाती थी. शायद कल गोद में भी न समायेगी. रह जायेगी यही यादे… more →
परिचर्चाVision Raval wrote 1 week ago: … more →
दरभंगिया wrote 2 months ago: बिटिया बड़ी हो रही है. अब वो पीं पीं करने वाले खिलौनों से नहीं खेलती. अब उसे चाहिए नए कपडे, गहने और ग … more →