mehhekk wrote 1 year ago: मुक्ति 1. भोर की लालिमा मन में असीम भक्ति हाथों में पूजा थाल तुलसी की परिक्रमा मंत्रो क … more →
mehhekk wrote 2 years ago: उचें नील गगन में बारिश के बूँद के बाद जब पवन सुरीला साथ मयूर नाचे तनमन से दूर यहा से वहा तक अपनी बाह … more →