हम तो आए थे आपसे, हाल ए िदल बयाँ करने पर बातो ही बातो मे , गजल बन गई । जो िदल मे था, जबाँ से सब कह िदया और शबदो ही शबदो मे, गजलबन गई । तुम िबना कुछ कहे, बस देखते ही रह गए हमने आखो से आखो को िमलाया तो,… more →
कुछ िदल सेkmuskan wrote 1 year ago: हम तो आए थे आपसे, हाल ए िदल बयाँ करने पर बातो ही बातो मे , गजल बन गई । जो िदल मे था, जबाँ से सब कह ि … more →