पिछले भाग से आगे : वैसे तो यह औद्योगिक व्यवस्था पूंजीवाद द्वारा पैदा की गयी है जिसमें निजी स्वामित्व की प्रधानता है , लेकिन धीरे धीरे उद्योगों का यह ढांचा , जो वृहद कॉर्पोरेशनों के रूप में विकसित हुआ … more →
समाजवादी जनपरिषदअफ़लातून wrote 2 weeks ago: प्रख्यात चिन्तक बर्ट्रेण्ड रसल ने अपनी लम्बी आत्मकथा के आखिरी हिस्से में कहा था कि दुनिया की सभी समस … more →
Krishna Kumar Mishra wrote 2 weeks ago: डांडी मार्च "फ़ोटो साभार के० एल० कामत" नमक कानून के साथ टूटा एक मिथक “बिन्नियों वाला … more →
Krishna Kumar Mishra wrote 3 weeks ago: यह तस्वीर “द गार्जियन से साभार” Courtsy by: The Gaurdian newspaper” श्रीमती इन्दिर … more →
अफ़लातून wrote 3 weeks ago: पिछले भाग से आगे : वैसे तो यह औद्योगिक व्यवस्था पूंजीवाद द्वारा पैदा की गयी है जिसमें निजी स्वामित्व … more →
अफ़लातून wrote 1 month ago: [ ' खादी की राखी ’ पर मेरी एक पोस्ट पर नीला हार्डीकर ने एक गंभीर टिप्पणी डाक से भेजी थी । इसे मैंने … more →
अफ़लातून wrote 1 month ago: गांधीजी की नजर में जेपी जयप्रकाश जमजात योद्धा है , उसने अपने देश की मुक्ति के लिए सबकुछ का त्याग किय … more →
अफ़लातून wrote 1 month ago: फाउन्टेन पेन बनाने वाली जर्मन कम्पनी मों ब्लां द्वारा ’डांडी यात्रा से प्रेरित हो कर’ कुल २४१ की संख … more →
अफ़लातून wrote 1 month ago: [गांधी जयन्ती को बीते कल दो ही दिन हुए थे । सलीम मिले तो चार पंक्तियां सुनाईं । मैंने कहा लिख दीजिए … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: महात्मा गांधी के दर्शन की प्रासंगिकता आज भी है। इसमें संदेह नहीं है। अगर कहें आज अधिक है तो भी कोई ब … more →
अफ़लातून wrote 1 month ago: ब्लॉगिंग का एक मूल स्वरूप रोजनामचा लिखने का रहा है । वेब + लॉग में ’लॉग’ के लिए हिन्दी शब्द फादर काम … more →
अफ़लातून wrote 3 months ago: [ दिवराला ( राजस्थान ) सती - कांड के बाद भारतीय संस्कृति में नर - नारी सम्बन्धों पर सितम्बर - अक्टूब … more →
अफ़लातून wrote 6 months ago: बात मध्यप्रदेश की है, किन्तु कमोबेश पूरे देश पर लागू होती है। मध्यप्रदेश हाईस्कूल का परीक्षा प … more →
अफ़लातून wrote 7 months ago: जो महत्व कम्युनिस्ट कार्यकर्ताओं के लिए मार्क्स और एंगेल्स के ’कम्युनिस्ट घोषणापत्र’ का है ,बाबासाहे … more →
अफ़लातून wrote 7 months ago: ” हम एक अरसे से इस बात को मानने के आदी बन गये हैं कि आम जनता को सत्ता या हुकूमत सिर्फ़ धारासभाओ … more →
अफ़लातून wrote 7 months ago: Technorati tags: सीजर शावेज, नारायण देसाई, बॉयकॉट, अनशन, cesar chavez, narayan desai, boycott, fast … more →
अफ़लातून wrote 8 months ago: Technorati tags: cesar chavez, hindi, gandhi, narayan desai [ नारायण देसाई के लिखे यात्रा वृत्तांत ' … more →
अफ़लातून wrote 8 months ago: [ गांधी शताब्दी वर्ष ( १९६९ ) के उपलक्ष्य में सर्वोदय नेता नारायण देसाई दुनिया के कई देशों की यात्रा … more →
अफ़लातून wrote 8 months ago: इस सैद्धान्तिक अन्तर्विरोध का हल खोजने की कोशिश में हम एक नये सत्य पर पहुचते हैं । दरअसल पूंजीवाद का … more →
अफ़लातून wrote 8 months ago: पिछले भाग से आगे : जाहिर है लोहिया का यह निष्कर्ष गलत साबित हुआ । पूंजीवाद ज्यादा दीर्घायु और ज्यादा … more →