पिछले भाग से आगे ….. समीर जी ने पूछा कि नए स्लीपिंग बैग में ठंड झेल पाए कि नहीं, तो उसके संबन्ध में भी एक रोचक वाक्या हुआ। अब हुआ यूँ कि अपन नए स्लीपिंग बैग का कुछ अधिक ही भाव खा गए, और शुक्रवार… more →
दुनिया मेरी नज़र से - world from my eyes!!pryas wrote 4 months ago: संतोषी माता मंदिर में कुछ समय बिताने के बाद हम लौट चले. लौटते हुए एक नया सा रास्ता दिखा. हम दोनों ने … more →
Amit wrote 2 years ago: पिछले भाग से आगे ….. समीर जी ने पूछा कि नए स्लीपिंग बैग में ठंड झेल पाए कि नहीं, तो उसके संबन् … more →
Amit wrote 2 years ago: मई 2007 के दूसरे सप्ताहांत पर पुनः तुन्गनाथ जाने का कार्यक्रम बना। पिछली बार का हादसा याद था, लेकिन … more →