Gaurav Sangtani - कुछ ख्वाब बिखरे से…. Hammer Stroke – In a hope that this will work like stroke of a hammer…. A tea with me - Let’s share something over morning tea… एक … more →
Gaurav SangtaniGaurav Sangtani wrote 1 year ago: कितनी दफा हम पूछते हैं न….. आख़िर क्यूँ..??? कुछ बातों का कोई कारण नही होता कोई अर्थ नहीं हो … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: क्या सरकार की कोई जिम्मेदारी नही? यु पी ऐ सरकार का बर्ताव पिछले कुछ दिनों से कितना गैर जिम्मेदारना … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: आओ आज नाम बदल लें…! ले लो इस नाम से जुड़ी सब दौलत और शौहरत, मुझे बेनामी का सुकून लौटा दो … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: क्या लिखूं…. पैगाम लिखूं… तुझे जज़्बात लिखूं… या अपने ये हालात लिखूं…. क्या … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं, तुम कह देना कोई खास नही……. एक दोस्त है कच्चा पक्का सा, एक … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: हो गयी है शाम, तेरी याद आ रही है | हर तरफ है धुन्ध, हर आस जा रही है || खो गया है अब तो मेरा खुद का व … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: रातों को चुपके से कोई साया आता है, हवा का हर झोंका तेरी याद लाता है | कब तक यूँ ही तपड़ता रहूँगा मैं … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: जितना चाहा है तुम्हे…. वो चाहत कहाँ से लाओगे…! चाहत मिल भी गयी तो ये दिल कहाँ से लाओगे.. … more →
Gaurav Sangtani wrote 1 year ago: रात तब नहीं होती जब अंधेरा आ जाता है, रात तब होती है जब उज़ाला चला जाता है…… बात बहुत म … more →
Gaurav Sangtani wrote 2 years ago: शाम होते ही चरागों को बुझा देता हूँ मैं, इक दिल ही काफी है तेरी याद में जल जाने के लिए | -अग्यात … more →
Gaurav Sangtani wrote 2 years ago: कभी यूँ ही लिखा था कुछ तेरी याद मे, तेरी याद आयी तो फिर से गुनगुना दिया आज…. “दर्द की इं … more →
Gaurav Sangtani wrote 2 years ago: ये कैसी है तेरे इश्क की जादूगरी, अभी तू यहीँ है और नहीं अभी | अभी तुझसे मिलकर हँसे थे हम, अभी तुझे ख … more →
Gaurav Sangtani wrote 2 years ago: हम दर्द को दबाते रहे, ये फूट फूट निकलता रहा कभी चेहरे से झलकता रहा, कभी … more →
Gaurav Sangtani wrote 2 years ago: काश कभी तुमने मेरी चाहत को समझा होता. चाहत ये ना थी सब कुछ मिले, पर कभी कुछ तो मिला होता…. हर … more →
Gaurav Sangtani wrote 2 years ago: बहुत पहले लिखा था ये शेर, आज फिर याद आ रहा है….. आग बुझ गयी, पर धुआँ अभी बाक़ी है. हम कहते हैं … more →
Gaurav Sangtani wrote 2 years ago: सुना है वक़्त के पंख हुआ करते हैं…. कुछ लम्हों में हमने इसे ठहरे हुए देखा है. किसी की ज़ुल्फ़ो में अ … more →
Gaurav Sangtani wrote 26 years ago: Gaurav Sangtani - कुछ ख्वाब बिखरे से…. Hammer Stroke – In a hope that this will work lik … more →