रंगो ने की रंगो से बातें होली हो गई । मस्ती में मस्तो का मिलना टोली हो गई । देखा चुराया माखन ,खूब लगाई ड़ांट ,पर देख के भोले मोहन को वो ,भोली हो गई । मन रंगा जब से श्याम रंग में , हर एक खुशी मेरी अब ,ह… more →
लम्हें जिन्दगी केkavideepaksharma wrote 7 months ago: दिल में जब तक मैं-तू नहीं हम हैं घर बिखरने के मौके बहुत कम हैं . कौन खींचेगा भला सेहन में दीवार प्या … more →
kavideepaksharma wrote 7 months ago: जिस पर मुझे ज़रूरत से ज्यादा गुमान था दिल उस शख्स का बहुत बेईमान था बिखरा हुआ पड़ा था एक साया उसके प … more →
kavideepaksharma wrote 7 months ago: एक साठ वर्षीय नेत्रहीन व्यक्ति, जो शायद रास्ता भूल गया था, एक सुनसान सड़क पर अकेला चला जा रहा था । रा … more →
kavideepaksharma wrote 7 months ago: जो रोज़ चलती रही जि़स्म पर गोलियाँ और मनती रही खून की होलियाँ तो एक दिन हकीकत हम भूल जायेंगे हो … more →
gopaldas wrote 1 year ago: Seene pe chale hain Khanjar itne, Dhartee ka Seena Taar-Taar hai.. Dhartee Maa ke Zakhm ye saare, … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तुम्हे देख ए हमनशी कदम खुद ब खुद चलते है बड़ी मुश्किल से जज़्बा-ओ-दिल हमसे संभलते है | मिलने तुझ से … more →
mehhekk wrote 1 year ago: राह देखे मन प्रतिपल हर क्षण ढूँढे तुझे मेरा बिखरा कन कन नही सुने जाते जमाने के ताने उस पर न आने के त … more →
mehhekk wrote 1 year ago: ऐसी हर सहर कीजिए नींद खुले देखूं तुम्हे ऐसी हर सहर कीजिए दिल में छुपाए कुछ राज़ हमे खबर कीजिए | प … more →
mehhekk wrote 1 year ago: कौन हो नूरे-जिगर कोई मोह्पाश हो दहकते दिल में खिला प्यार पलाश हो | खीची चली आती हूँ उसी मकाम पर मुश् … more →
mehhekk wrote 1 year ago: आयो होली को त्योहार बिखरी फागुन की बहार मनवा झूमे हमार चढ़ता मस्ती का खुमार ढोल मंजीरे ढ़म ढ़म … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: रंगो ने की रंगो से बातें होली हो गई । मस्ती में मस्तो का मिलना टोली हो गई । देखा चुराया माखन ,खूब लग … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: रंगो ने की रंगो से बातें होली हो गई । मस्ती में मस्तो का मिलना टोली हो गई । देखा चुराया माखन ,खूब लग … more →
mehhekk wrote 1 year ago: सखा पलाश संग तुम्हारे बचपन से रिश्ता है ना तुमसे मेरा और मुझसे तुम्हारा नैनिहाल के आँगन में पनपा ये … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: हंसी खुशी ,रिश्ते नाते ,एहसास दोस्ती से मिल कर बनी कविता हूँ मैं , जो अपनी होकर भी , बुरी लगे , एक ऎ … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: हंसी खुशी ,रिश्ते नाते ,एहसास दोस्ती से मिल कर बनी कविता हूँ मैं , जो अपनी होकर भी , बुरी लगे , एक ऎ … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: नए रगों से हुई फिर यारी, खिल गई हर फुलवारी, भूल ले बीते पतझड़ को, शुरू नए सृजन की तैयारी। हर ओर खिली … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: नए रगों से हुई फिर यारी, खिल गई हर फुलवारी, भूल ले बीते पतझड़ को, शुरू नए सृजन की तैयारी। हर ओर खिली … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: एक गीत बेख़बर जिंदगी से जी रहे थे के तुम आ गये | कहुँ कैसे मरे जा रहे थे के तुम आ गये | हे मजिंल क … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: एक गीत बेख़बर जिंदगी से जी रहे थे के तुम आ गये | कहुँ कैसे मरे जा रहे थे के तुम आ गये | हे मजिंल क … more →