सारा खेल उधार हो गया | घर भारत सरकार हो गया | उन्हें मुनाफ़ा हमको घाटा यह कैसा व्यापार हो गया | नगरी में अंधेर नहीं है क्यूँ चौपट दरबार हो गया | बंधुआ है मज़दूर अभी तक मगर मुक्त व्यापार हो गया | पाप बढ़… more →
Joshi Kaviraijoshikavirai wrote 1 year ago: सारा खेल उधार हो गया | घर भारत सरकार हो गया | उन्हें मुनाफ़ा हमको घाटा यह कैसा व्यापार हो गया | नगरी … more →